नासिक के निफाड तालुका अंतर्गत धरणगाव खड़क निवासी महेशगिरी उर्फ महेश दिलीप काकडे ने आध्यात्मिक उपचार के नाम पर एक युवती को अपनी हवस का शिकार बनाया. पीड़िता मानसिक और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रही थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसे जाल में फंसाया.
23 अगस्त 2024 को आरोपी ने पीड़िता को पंचवटी बुलाकर त्र्यंबकेश्वर रोड स्थित एक लॉज में जबरन शारीरिक संबंध बनाए. कथित बाबा ने उसके पास दैवीय शक्तियां होने का हवाला देकर महिला को डराया. अब अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) की मदद से लासलगाव पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है.
पीड़िता की शिकायत के अनुसार, पीड़िता मानसिक समस्याओं से जूझ रही थी, इसलिए शुरुआत में बाबा ने उसे हर गुरुवार को पूजा के लिए आने को कहा. इसके बाद, उसने पीड़िता के मोबाइल फोन पर निजी और अश्लील संदेश भेजना शुरू कर दिया. 23 अगस्त, 2024 को बाबा ने पीड़िता को गुमराह किया और उसे बहला-फुसलाकर पंचवटी इलाके में बुलाया. वहां से, वह उसे अपनी कार में बिठाकर त्र्यंबकेश्वर रोड पर स्थित एक लॉज में ले गया. जब महिला ने विरोध किया, तो उसने अपने गले में पहनी रुद्राक्ष की माला दिखाते हुए उसे धमकाया और कहा, "मेरे पास दैवीय शक्तियां हैं, तुम कुछ भी नहीं रोक पाओगी," और जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. इतना ही नहीं, उसने पीड़िता की नग्न तस्वीरें भी खींच लीं.
पूजा के बहाने अश्लील मैसेज और जालसाजी
पीड़िता के माता-पिता उसे इलाज के लिए इस ढोंगी बाबा के पास ले गए थे. बाबा ने युवती को 'भूतबाधा' होने की बात कहकर डरा दिया और उसे हर गुरुवार पूजा के लिए बुलाने लगा. धीरे-धीरे उसने युवती से नजदीकियां बढ़ाईं और उसके मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने शुरू कर दिए. आरोपी ने पीड़िता का मानसिक उत्पीड़न करते हुए उसे पूरी तरह अपने प्रभाव में ले लिया, जिसके बाद उसने इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया.
रुद्राक्ष की धौंस और न्यूड फोटो से ब्लैकमेल
लॉज में युवती ने जब विरोध किया, तो आरोपी ने अपने गले का रुद्राक्ष दिखाते हुए कहा कि उसके पास दैवीय शक्तियां हैं और उसे कोई रोक नहीं पाएगा. दुष्कर्म के बाद आरोपी ने पीड़िता की नग्न तस्वीरें भी खींच लीं. जब पीड़िता ने पुलिस के पास जाने की कोशिश की, तो उसने खुद को अपराधी बताते हुए जान से मारने की धमकी दी. साक्ष्य मिटाने के लिए उसने पीड़िता का फोन छीनकर सभी फोटो और मैसेज भी डिलीट कर दिए थे.
ऐसे सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी
डर के साये में रहने के बाद आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) से संपर्क किया. अंनिस के कार्यकर्ताओं ने पीड़िता का साथ दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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