उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर 50 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया गया था. वो लंबे समय से पुलिस की रडार पर था.
पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, साइबर सर्विलांस और टेक्निकल ट्रैकिंग के बाद विनोद अग्रवाल को हरियाणा के नारनौल स्थित आजाद चौक के दादू की कोठी से गिरफ्तार किया गया. आरोपी पर कोडीन कफ सिरप और नशीली दवाओं की अंतर-राज्यीय तस्करी का आरोप है.
डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने 47 फर्मों को कफ सिरप सप्लाई करने की बात कबूली थी, लेकिन जांच में सामने आया कि असल में यह नेटवर्क कई राज्यों में 350 से अधिक फर्मों तक फैला हुआ था. इनमें से बड़ी संख्या में फर्में सिर्फ कागजों पर ही मौजूद पाई गईं.
इस रैकेट के जरिए करीब 20 लाख बोतल कोडाइन-आधारित कफ सिरप अवैध रूप से बाजार में खपाई गई. अब तक 11.5 लाख बोतलें बरामद की जा चुकी हैं, जबकि करीब 8.5 लाख बोतलों की तलाश जारी है. शेष स्टॉक की बरामदगी के लिए आरोपी की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी.
यह पूरा मामला 11 जुलाई को तब सामने आया था, जब कानपुर के बिरहाना रोड स्थित मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था. जांच के दौरान वहां बड़ी मात्रा में एस्कफ सिरप और शेड्यूल-एच-एच1 श्रेणी की दवाएं पाई गईं.
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन करते हुए एक ही बिल में 32 हजार बोतलों की खरीद दिखाई, जो असल में 89,600 बोतलों के बराबर थी. दवाओं की बिक्री बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन, स्टॉक रजिस्टर और जरूरी रिकॉर्ड के की जा रही थी.
एडिशनल डीसीपी (क्राइम) अंजलि विश्वकर्मा के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि डिजिटल बिलिंग और ट्रांजैक्शन डेटा को डिलीट किया गया था. इस तरह सबूत मिटाने की कोशिश की गई. अवैध सप्लाई चेन को छिपाने के लिए फर्जी और शेल फर्मों का सहारा लिया जा रहा था.
47 फर्मों को भेजे गए नोटिस बिना डिलीवर हुए लौट आए. इस रैकेट से जुड़े आठ आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं. पुलिस विनोद अग्रवाल के बेटे शिवम अग्रवाल समेत अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा, वेद प्रकाश शिवहरे और सुमित केसरवानी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
इस मामले में कानपुर के कलेक्टरगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (हमला या आपराधिक बल), 318(4) (धोखाधड़ी), 336(3) (जालसाजी), 338 और 340(2) के साथ NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों संपत्तियों की जब्त की जा रही है.
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