गुजरात की डायमंड सिटी सूरत से एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया है. यहां के मशहूर रियल एस्टेट कारोबारी और 'जॉली ग्रुप' के सर्वेसर्वा तुषार घेलाणी ने रविवार की रात अपने ही घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की कोशिश की है. ये घटना उस वक्त हुई जब पूरा परिवार बेटी की शादी की तैयारियों में जुटा था. गंभीर हालत में उन्हें महावीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.
जानकारी के मुताबिक, ये घटना सिटीलाइट इलाके में स्थित तुषार घेलाणी के आवास पर रात करीब 2 बजे की है. बताया जा रहा है कि तुषार भाई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से एक राउंड फायरिंग की थी. सन्नाटे को चीरती हुई गोली की आवाज सुनकर परिजन जब कमरे की ओर दौड़े, तो वहां का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. तुषार घेलाणी लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े थे. आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया,.
डॉक्टरों ने उनको वेंटिलेटर पर रखा है. उनकी हालत देखते हुए एयर एम्बुलेंस से मुंबई शिफ्ट करने की तैयारी भी की जा रही है. इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि 5 फरवरी को तुषार घेलाणी की बेटी की शादी होने वाली थी. आज से ही शादी की शुरुआती रस्में और उत्सव शुरू होने वाले थे. घर में मंडप सज चुका था, मेहमानों का आना शुरू हो गया था. लेकिन इस एक घटना ने सब कुछ बदल कर रख दिया. जहां गीत गूंजने थे, वहां पुलिस का पहरा है.
घर की सजावट और मंडप को हटाया जा रहा है. अनजान मेहमान जो बधाई देने पहुंच रहे हैं, उन्हें इस अनहोनी की खबर मिल रही है. इस मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई रिवॉल्वर को कब्जे में ले लिया है. शुरुआती जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे 'पारिवारिक कलह' की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है. पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है.
साल 1990 से निर्माण क्षेत्र में सक्रिय तुषार घेलाणी सूरत का एक प्रतिष्ठित नाम है. आधुनिक आर्किटेक्चर और लग्जरी प्रोजेक्ट्स के लिए पहचाने जाने वाले तुषार भाई के इस कदम से पूरी बिल्डर लॉबी सदमे में है. उनके करीबी मित्र अशोक भाई ने भारी मन से कहा कि तुषार भाई हमेशा दूसरों को हिम्मत देने वाले इंसान रहे हैं. उन्होंने ऐसा क्यों किया यह समझ से परे है. फिलहाल पूरा शहर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है. इस मामले की जांच जारी है.
ब्रिजेश दोशी