क्या पीड़ित महिला ने दबाव में शिकायत की थी? कर्नाटक सेक्स स्कैंडल मामले में आया नया ट्विस्ट

कर्नाटक सेक्स स्कैंडल मामले में नया मोड़ सामने आया है. NCW ने दावा किया है कि प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कोई भी पीड़ित शिकायत दर्ज कराने नहीं पहुंची है. साथ ही एनसीडब्ल्यू ने बताया कि एक महिला ने शिकायत दी है कि उसे प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया था.

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Prajwal Revanna. (फाइल फोटो) Prajwal Revanna. (फाइल फोटो)

सगाय राज

  • बेंगलुरु,
  • 10 मई 2024,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

कर्नाटक सेक्स स्कैंडल मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. कर्नाटक की हासन लोकसभा सीट से सांसद और जेडीएस प्रत्याशी प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई भी पीड़िता सामने नहीं आई है. साथ ही आयोग ने बताया है कि उनके पास पहुंची एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया था. अब मामले में एनसीडब्ल्यू की इस शिकायत पर एसआईटी ने संज्ञान लिया है. हालांकि, एसआईटी यह पता लगाएगी कि क्या कोई अधिकारी के महिला के संपर्क में था और उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी.

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सूत्रों के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना मामले में एसआईटी ने राष्ट्रीय महिला आयोग की शिकायत पर संज्ञान लिया है. अभी एसआईटी ने एनसीडब्ल्यू को शिकायत देने वाली महिला से संपर्क नहीं किया है. एसआईटी मामले में जांच करेगी कि क्या कोई अधिकारी उस महिला के संपर्क में था और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

SIT ने शुरू की जांच

प्रज्वल रेवन्ना मामले में जांच के लिए बनी एसआईटी के प्रमुख बीके सिंह के बयान के अनुसार, इस महिला के बारे में हमें एनसीडब्ल्यू द्वारा शिकायत भेजने के बाद परसों पता चला, एसआईटी से किसी भी महिला ने पहले संपर्क नहीं किया था और हमारे पास कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी. एसआईटी के महिला को फोन करने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है और अगर जांच में कुछ ऐसा पाया जाता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

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एनसीडब्ल्यू ने कहा कि महिला ने बताया उसे कई फोन नंबरों से फोन करके शिकायत करने की धमकी दी जा रही है. इससे ये बात सामने आई है कि इस शिकायतकर्ता को कुछ व्यक्तियों के ग्रुप द्वारा संभावित उत्पीड़न और झूठे आरोपों की धमकी देकर शिकायत दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया था.

यह भी पढ़ें: प्रज्वल रेवन्ना सेक्स टेप उजागर करने वाले BJP नेता के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप

शिकायतकर्ता ने मांगी सुरक्षा: NCW

महिला आयोग ने गुरुवार को संबंधित अधिकारियों द्वारा एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश करने से कई महत्वपूर्ण बिंदू सामने आए हैं. इसने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआइटी) समिति का गठन किया गया है. एटीआर से पीड़ितों के यौन शोषण की शिकायतों के आधार पर दो मामलों के दर्ज का संकेत मिला है. इसके साथ ही एक रिश्तेदार की ओर से अपहरण के लिए एक अतिरिक्त शिकायत भी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी पीड़िता आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे नहीं आई है.  हालांकि, एक महिला शिकायतकर्ता ने आयोग से संपर्क कर प्रज्वल रेवन्ना को फंसाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया. उक्त पीड़िता ने स्थिति की गंभीरता को बताते हुए अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग की है. 

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SIT के संपर्क में रहेगी NCW

वहीं, एक अन्य घटनाक्रम में एनसीडब्ल्यू ने कहा कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वाली 700 महिलाएं एक सामाजिक कार्यकर्ता समूह से जुड़ी थीं और मामले में प्राथमिक शिकायतकर्ता के साथ उनका कोई सीधा संबंध या संलिप्तता नहीं थी. फिर भी, एनसीडब्ल्यू उनकी चिंताओं की गहन जांच करने तथा कर्नाटक पुलिस प्राधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

इस सबके इतर प्रज्वल रेवन्ना ने आरोप लगाया है कि जिन वीडियो में वे महिलाओं का यौन शोषण करते नजर आ रहे हैं, उनके साथ छेड़छाड़ की गई है और उन्होंने अपने मतदान एजेंट के माध्यम से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है.

कांग्रेस ने भी दी SIT को शिकायत

वहीं, इस मामले में कांग्रेस ने एचडीके और देवराज गौड़ा के खिलाफ एसआईटी में शिकायत दी है और दावा किया है कि ये लोग ऐसे बयान दे रहे हैं, जिससे जांच पर असर पड़ सकता है. कांग्रेस ने कहा कि देवराज गौड़ा के पास वीडियो थे, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी. भाजपा और जेडीएस राज्य में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, पर वो अपराधियों को खिलाफ कुछ नहीं बोल रहे हैं.

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