भोपाल में धर्मांतरण और देह व्यापार के घिनौने खेल का पर्दाफाश हुआ है. झुग्गी से निकलकर आलीशान विला में रहने वाली दो बहनें— अमरीन उर्फ माहिरा और आफरीन किस तरह हिंदू लड़कियों को शिकार बना रही थीं, इसका खुलासा एक पीड़ित ब्यूटीशियन ने किया है. पीड़िता ने बताया कि उसे न केवल 'लव जिहाद' के जाल में फंसाया गया, बल्कि चंदन यादव, याशिर और बिलाल ने उसके साथ बार-बार बलात्कार भी किया.
पीड़िता ने अपनी शिकायत में घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से बताया, ''8 जून 2024 में एक दोस्त के जरिए संजना नाम की लड़की से मुलाकात हुई. दोनों साथ रहने लगीं. संजना ने ही काम दिलाने के बहाने पीड़िता को 'अमरीन दीदी' (आरोपी) से मिलवाया.
अमरीन के घर रहने के दौरान पीड़िता को पता चला कि संजना ने धर्म परिवर्तन कर लिया है, अपना नाम 'जन्नत' रख लिया है और अमरीन के भाई हैदर से शादी कर ली है.
अमरीन का दोस्त चंदन यादव पीड़िता को अपनी बहन के घर ले गया और नशीली दवा पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. बाद में उसे डराया-धमकाया गया कि किसी को बताया तो बदनामी तुम्हारी ही होगी.''
'तुम भी मुस्लिम बन जाओ'
पीड़िता ने बताया कि अमरीन उसे धीरे-धीरे इस्लाम की ओर धकेलने लगी. अमरीन कहती थी, "हमारे यहां के लड़के अच्छे होते हैं, मारते नहीं और शराब नहीं पीते, तुम भी मुस्लिम बन जाओ और हमारे यहां शादी कर लो."
विरोध करने पर उसे छोटे कपड़े पहनाकर क्लबों और रईसजादों की पार्टियों में ले जाया जाता था. यह भी बताया कि चंदन यादव भी धर्मांतरित हो चुका है. सिर्फ उसका नाम नहीं बदला.
अहमदाबाद और मुंबई तक 'सप्लाई' का खेल
आरोपियों ने पीड़िता को सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं रखा. सितंबर 2025 में अमरीन बीमारी का बहाना बनाकर पीड़िता को अहमदाबाद ले गई, जहां याशिर नाम के शख्स ने उसके साथ दरिंदगी की. अमरीन धमकी देती थी कि "मेरे बड़े-बड़े लोगों से संबंध हैं, अगर किसी को बताया तो जान से मरवा दूंगी."
छत्तीसगढ़ मामा के घर पहुंची पीड़िता
पीड़िता किसी तरह चंगुल से छूटकर छत्तीसगढ़ अपने मामा के घर भागी, जहां उसने इंस्टाग्राम के जरिए एक अन्य पीड़िता (प्रीति) से संपर्क किया और तब सच सामने आया.
पुलिस का एक्शन
पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन यादव को सागर रॉयल विला के फ्लैट नंबर 301 से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस को तलाशी में पता चला है कि यह फ्लैट अय्याशी और लड़कियों की 'सप्लाई' का मुख्य अड्डा था.
धर्मेंद्र साहू