उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दर्ज 100 करोड़ रुपए से अधिक की जीएसटी चोरी के मामले में यूपी STF को बड़ी सफलता मिली है. STF ने फर्जी फर्म और फर्जी ई-वे बिल के जरिए टैक्स चोरी करने वाले दो आरोपियों मो. शादाब और मो. आलम को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है. दोनों लंबे समय से जीएसटी चोरी के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे.
यूपी एसटीएफ के एक अधिकारी के मुताबिक, सहारनपुर में शौर्य एंटरप्राइजेज के नाम पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर बोगस बिलिंग और सेल्स इन्वॉयस के जरिए जीएसटी की भारी चोरी कर रहे थे. यह पूरा नेटवर्क गाजियाबाद से ऑपरेट किया जा रहा था.
पकड़े गए आरोपी मो. शादाब और मो. आलम ने लखनऊ में भी तीन फर्जी फर्म बनाई थीं. राम एंटरप्राइजेज, वीएसआर ट्रेडर्स और शिव ट्रेडर्स के नाम से दर्ज इन फर्मों के जरिए भी जीएसटी चोरी की गई. इन सभी फर्मों के पते लखनऊ के बताए गए हैं, जिन पर जीएसटी चोरी के मामले दर्ज हैं. आरोपी फर्जी ई-वे बिल तैयार कर माल की कागजी खरीद-बिक्री दिखाते थे.
इसी आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाया जाता था. इस तरीके से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की गई. जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ सहारनपुर और लखनऊ तक सीमित नहीं था. STF ने दोनों आरोपियों को गाजियाबाद के दिलशाद एक्सटेंशन इलाके से गिरफ्तार किया है. पूछताछ में जीएसटी चोरी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं.
STF का कहना है कि इस मामले में चार अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं.यह मामला बीते साल सहारनपुर में दर्ज किया गया था, जिसके बाद से STF लगातार जांच में जुटी हुई थी. अब गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की पूरी परतें खोलने की तैयारी है. इस मामले में आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
संतोष शर्मा