Faridabad Credit Card Fraud: फरीदाबाद पुलिस ने क्रेडिट कार्ड फ्रॉड के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली से संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो टेली कॉलर भी शामिल हैं. यह कार्रवाई साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लोगों को फोन कर झांसे में लेते थे. ठगी के लिए आधुनिक तकनीक और फर्जी लिंक का इस्तेमाल किया जा रहा था. इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर किया है.
पीड़ित से 18 हजार रुपये की ठगी
पुलिस के अनुसार, 27 नवंबर को भगत सिंह कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित ने बताया कि उसे एक अनजान नंबर से कॉल आया था. कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच दिया. इसके बाद आरोपी ने एक फर्जी लिंक भेजा और कार्ड की जानकारी भरवा ली. जानकारी मिलते ही आरोपी ने पीड़ित के खाते से 18 हजार रुपये निकाल लिए.
साइबर थाने में दर्ज हुई FIR
शिकायत मिलने के बाद बल्लभगढ़ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. कॉल डिटेल्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और लिंक के सोर्स को खंगाला गया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी किसी संगठित गिरोह द्वारा की जा रही है. इसके बाद पुलिस ने दिल्ली में सक्रिय नेटवर्क पर नजर रखना शुरू किया.
द्वारका में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
जांच के दौरान पुलिस टीम को अहम सुराग मिला और दिल्ली के द्वारका सेक्टर-19 में स्थित एक किराए के फ्लैट तक पहुंच बनाई गई. यहां से एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था. बुधवार को पुलिस ने मौके पर छापा मारकर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया. फ्लैट से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए गए. इसके साथ ही चारों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश (25), तरंग (32), सूरज (20) और सिद्धांत (23) के रूप में की है. सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं. आकाश इस फर्जी कॉल सेंटर का मालिक बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी मिलकर ठगी की इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहे थे. इनके खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद गिरफ्तारी की गई.
ठगी का पूरा नेटवर्क
फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल यादव ने बताया कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. आकाश द्वारका के किराए के फ्लैट से पूरे ऑपरेशन को चला रहा था. तरंग फर्जी सिम कार्ड और डेटा उपलब्ध कराता था. वहीं सूरज और सिद्धांत टेली कॉलर के तौर पर लोगों को फोन कर ठगी करते थे. सभी की भूमिका तय थी और सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया जा रहा था.
आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता
पुलिस के अनुसार, आकाश और तरंग 12वीं पास हैं, सूरज 11वीं पास है, जबकि सिद्धांत बी.कॉम ग्रेजुएट है. कोर्ट में पेशी के दौरान सूरज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वहीं अन्य तीन आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस अब रिमांड के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.
पुलिस की अपील
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर अपनी बैंक या कार्ड से जुड़ी जानकारी साझा न करें. पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है. संभावना है कि ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या और ज्यादा हो सकती है. पुलिस आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कह रही है.
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