उत्तर प्रदेश में अतीक अहमद, खान मुबारक, मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी जैसे कुख्यात अपराधियों का सफाया हुआ तो कहा गया कि सूबे में माफियाराज का अंत हो चुका है. यहां संगठित अपराध और उसे चलाने वाले माफियाओं के परिवार का वर्चस्व भी नेस्तनाबूत कर दिया गया है. लेकिन वास्तव में ऐसा लगता नहीं है. राज्य के बड़े गैंगस्टर भले ही मिट्टी में मिला दिए गए, लेकिन उनके गैंग को संभालने वाली उनकी बीवियां यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं.
इनमें कई नाम तो ऐसे हैं, जिनके बारे में लोग कम जानते हैं, लेकिन उनके काले कारनामों की फेहरिस्त बहुत लंबी है. इन लेडी डॉन के अपने हाथों से भले ही एक भी कत्ल ना हुआ हो, लेकिन साजिश रचने, हत्यारों को पनाह देने और पैसों की उगाही में इनका बराबर का हाथ रहा है. इनके गुनाहों की गिनती जब शुरू होती है, तब समझ में आता है कि कई मायनों में ये अपने सरपरस्तों से भी आगे हैं. तभी तो इनमें से कुछ को पुलिस खोज भी नहीं पा रही है.
शाइस्ता परवीन: उमेश पाल हत्याकांड में शामिल, सिर पर 50 हजार का इनाम
24 फरवरी 2023. प्रयागराज का धूमनगंज. यहां कोर्ट से लौटते उमेश पाल की उसके दो सरकारी गनर सहित गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई. उमेश पाल दिवंगत विधायक राजू पाल के भाई और उनके हत्याकांड में मुख्य गवाह थे. इस वारदात में शामिल अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर मोहम्मद गुलाम को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया था. पिछले साल प्रयागराज में ही अतीक अहमद और अशरफ को पुलिस कस्टडी में तीन लड़कों ने गोली मार दी थी.
इस हत्याकांड में अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी शामिल थी. उन पर हत्याकांड की साजिश में शामिल होने, शूटरों पनाह देने और इस वारदात के लिए फंडिंग करने का आरोप है. पुलिस इस मामले में उसकी तलाश कर रही है. उसके सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा है. लेकिन वो अतीक से सबसे खास शूटर गुड्डू बमबाज के साथ फरार है. कुछ लोग कहते हैं कि वो नेपाल के रास्ते दुबई चली गई है, तो कुछ का कहना है कि वो यूपी में ही है.
जैनब फातिमा: अतीक के भाई की बीवी, जिसके सिर पर है 75 हजार का इनाम
अतीक अहमद के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा भी उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल थी. उसकी बहन आयशा नूरी ने इस वारदात के बाद मेरठ स्थित अपने घर पर असद और गुड्डू को पनाह दी थी. इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें दोनों घर में जाते हुए दिखाई दिए थे. इस खुलासे के बाद आयशा नूरी फरार हो गई थी. पुलिस ने जैनब फातिमा और आयशा नूरी पर भी 25-25 हजार का इनाम घोषित कर रखा है.
इसके बाद बारी आती है मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी की, जिस पर गाजीपुर पुलिस ने 75 हजार का इनाम घोषित कर रखा है. उसकी तलाश में पुलिस गाजीपुर से लेकर लखनऊ तक छापेमारी कर रही है, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पा रहा. पुलिस को लगा कि मुख्तार अंसारी की मौत के बाद अफशां पति का आखिरी बार चेहरा देखने जरूर आएगी लेकिन वो नहीं पहुंची. हालांकि, उसके देवर अफजाल अंसारी उसे सरेंडर की सलाह देते हैं.
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अफशां अंसारी: मुख्तार की बीवी, जो उसके जानजे तक में भी शरीक न हो पाई
साल 2005 में मुख्तार अंसारी के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी अफशां अंसारी ने गैंग की कमान संभाली थी. उस पर शादी से पहले कोई केस दर्ज नहीं था. लेकिन बाद में कई संगीन जुर्म में उसे वांछित किया गया है, जिसमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है. वो गाजीपुर जिले के यूसुफपुर मोहम्मदाबाद के दर्जी मोहल्ला की रहने वाली है. कुछ साल पहले मऊ के दक्षिण टोला के रैनि गांव के पास विकास कंस्ट्रक्शन नामक फर्म बनाकर जमीन ली गई थी.
यह फर्म पांच लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड थी, जिसमें अफशां अंसारी, उसके भाई अनवर सहजाद और आतिफ रजा के साथ ही रविन्द्र नरायन सिंह, जाकिर हुसैन उर्फ विक्की शामिल थे. इस की जांच की गई तो पाया गया कि विकास कंस्ट्रक्शन फर्म ने फर्जी ढंग से अनुसूचित जाति के लोगों को दी गई पट्टे की जमीन को कब्जा किया है. इसके बाद साल 2020 में मऊ के दक्षिण टोला थाने में अफशां अंसारी सहित पांच लोगों के केस दर्ज हुआ था. इसमें गैंगस्टर एक्ट भी था.
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दीपा बहाल: यूपी की मोस्ट वांटेड लेडी डॉन, जिसके सिर पर 5 लाख का इनाम
बाहुबलियों की बीवियों के अलावा कई ऐसी लेडी डॉन हैं, जो चर्चा में नहीं हैं, लेकिन पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं. इनमें सबसे प्रमुख नाम बाइक बोट घोटाले के मुख्य आरोपी संजय भाटी की पत्नी दीपा बहाल का है. उसके उपर 100 से अधिक केस दर्ज हैं. इसमें सबसे अधिक केस नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दर्ज कराए गए हैं. इनकी संख्या 96 है. इसके अलावा गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, बिजनौर, बागपत, आगरा, मुजफ्फरनगर और लखनऊ में भी दर्ज हैं.
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के बद्रीपुरम की रहने वाली दीप्ति बहल लंबे समय से फरार है. पुलिस ने उसके सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है. बताया जाता है कि वो काफी पढ़ी-लिखी है. उसने पोस्टग्रेजुएशन के बाद पीएचडी भी किया है. शादी से पहले बागपत के किसी स्कूल में पढ़ाती भी थी. लेकिन शादी के बाद एनसीआर में आने के बाद उसने जरायम की दुनिया में पहली बार कदम रखा था. उसके बाद आज तक वो पिछे मुड़कर नहीं देखी है.
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काजल झा: गैंगस्टर रवि काना की गर्लफ्रेंड, जिसके पास है करोड़ों की संपत्ति
ऐसे ही नोएडा के गैंगस्टर रवि काना की महिला मित्र काजल झा तलाश पुलिस को हलकान किए है. नोएडा में रबर और स्क्रैप के अवैध धंधे का सबसे बड़ा माफिया रवि काना उर्फ रविंद्र नगर की गर्लफ्रेंड की काजल झा नोएडा पुलिस को ढूंढे नहीं मिल रही है. काजल झा स्क्रैप माफिया रवि काना के कारोबार में उसका साथ देती है. वह माफिया की स्क्रैप कंपनी की डायरेक्टर थी. फिलहाल काना गैंगरेप के एक मामले में फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
इसी के साथ अवैध तरीके से बनाई गईं उसकी संपत्तियां भी पुलिस सील कर रही है. नोएडा पुलिस ने रवि की पत्नी समेत 16 गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज किया था. अब तक उसकी करीब 100 करोड़ की संपति जब्त कर ली गई है. बताते हैं कि काजल झा नौकरी की तलाश करते हुए काना के संपर्क में आई थी. इसके बाद बहुत जल्द उसके गिरोह का हिस्सा बन गई. वो उसकी बेनामी संपत्तियों का हिसाब-किताब रखती थी. उसके हर गुनाहों में शरीक थी.
पूर्व डीजीपी एके जैन कहते हैं कि ये तमाम महिलाएं अपने पतियों के हर अपराध में बराबर से शामिल रही हैं. जब माफिया पति जेल में रहा या अंडरग्राउंड हुआ तो गैंग की कमान भी इन लोगों ने संभाली और गैंग की कमाई भी. इनकी कही बात को गैंग मेंबर्स माफिया का भेजा आदेश ही मानते रहे हैं. ऐसे में इन पर कार्रवाई होना जरूरी है. पुलिस कार्रवाई कर भी रही है. इनमें से कई महिलाएं फिलहाल फरार चल रही हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है.
संतोष शर्मा