एक घर बनाने में लोगों की उम्र बीत जाती है, पर सीरिया में घर और बस्तियां ही नहीं बल्कि जंग के नाम पर पूरा का पूरा एक शहर खंडहर बना दिया गया. सीरिया में कई इलाके और बस्तियां ऐसे हैं, जो कब्रिस्तान में तब्दील हो चुके हैं.
सीरिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर
पांच साल पहले तक का जो शहर ना सिर्फ जिंदा था, बल्कि जिंदगी से गुलजार भी था. होम्स इतना खूबसूरत था कि यूनेस्को ने इस शहर को विश्व धरोहर में शुमार कर दिया. गुलजार दुकानें, होटल, मस्जिद, गिरजाघर शहर की धड़कनें थीं. करीने से बने घर शहर का आशियाना, जिसमें लोग बसते थे.
जब 2011 में सब बदल गया
2011 तक इस शहर में दस लाख लोग बसते थे. शहर के लोग बेहद जिंदादिल और खुले मिजाज के थे. यहां तक कि औरतें भी बिना हिजाब यानी पर्दे के मर्दों के साथ बाहर आती-जाती थीं, लेकिन तभी 2011 में सब बदल गया. इस शहर पर हजारों-लाखों टन बारूद और बड़े-बड़े बम बरसे. आसमान से बरसाए गए बमों ने पूरे होम्स शहर को खंडहर बना कर रख दिया.
जब क्रांति की राजधानी बना होम्स
के खिलाफ विद्रोह हो गया. विद्रोही सेना ने सबसे ज्यादा गदर इसी होम्स शहर में मचाया. यहां तक कि इसका नाम क्रांति की राजधानी रख दिया. होम्स शहर पर हुकूमत कायम रखने के लिए सीरियाई सरकार और विद्रोहियों के बीच जंग शुरू हो गई. उसी दौरान आईएसआईएस का जन्म हुआ. बगदादी के आतंकवादी इराक होते हुए सीरिया जा पहुंचे.
पेरिस हमला और रूस भी गिराने लगा बम
सीरिया की राजधानी दमिश्क से लेकर होम्स तक अब लड़ाई तिकोनी हो गई थी. देखते ही देखते शहर में खूनी संघर्ष शुरू हो गया. अब तक सीरियाई सरकार अपने ही शहर पर काफी बम बरसा चुकी थी. पेरिस हमले के बाद रूस भी के खिलाफ मैदान में कूद पड़ा. सीरियाई राष्ट्रपति की मदद के लिए अब रूसी बम भी इस शहर पर गिरने लगे.
कब्रिस्तान में तब्दील हो गए इलाके
चौतरफा बमों की बारिश ने 95 फीसदी होम्स शहर को खंडहर बना दिया. हजारों लोग मारे गए. बाकी जान बचाने के लिए अपना होम्स छोड़ कर महफूज ठिकाने की तरफ निकल पड़े. सीरिया में कई इलाके और बस्तियां ऐसे हैं, जो कब्रिस्तान में तब्दील हो चुके हैं. इलाके का इलाका खंडहर हो चुका है. दूर-दराज के शहरों को छोड़िए खुद सीरिया की राजधानी दमिश्क का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है.
सुरभि गुप्ता