Delhi SWAT Commando Kajal Murder: दिल्ली पुलिस की SWAT कमांडो काजल की हत्या ने राजधानी दिल्ली को दहला दिया है. उसका कत्ल बड़ी बेरहमी के साथ किया गया. कातिल ने उसके पूरे जिस्म को लहूलुहान कर दिया था. उसकी लाश को देखने वाले भी सन्न रह गए. कई लोगों की रुह अंदर तक कांप गई. जितना खौफनाक मौका-ए-वारदात का मंजर था. उतनी ही हैरान करने वाली है, काजल के मर्डर की कहानी. क्योंकि कातिल कोई शातिर बदमाश या सुपारी किलर नहीं बल्कि वो शख्स है, जिसे काजल ने हद से ज्यादा प्यार किया और जिसके साथ उसने पूरी जिंदगी बिताने की कसम खाई थी. मगर अफसोस कि उसी शख्स ने काजल की जान ले ली. वो शख्स है काजल का पति अंकुर.
कौन थी काजल?
सोनीपत के गनौर में मौजूद बड़े गांव की रहने वाली 27 साल की काजल एक जांबाज़ और मेहनती लड़की थी, जिसने अपने हौसले और अनुशासन के दम पर दिल्ली पुलिस में जगह बनाई. साल 2022 में वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई और अपनी काबिलियत के चलते स्पेशल सेल की SWAT यूनिट की कमांडो बनी. उसके कमांडो बनने की चर्चा हर जुबान पर थी. एक गांव से निकलकर राजधानी की सबसे कठिन पुलिस यूनिट तक पहुंचना काजल के संघर्ष की कहानी बयां करता है. वर्दी उसके लिए महज़ नौकरी नहीं, बल्कि गर्व और जिम्मेदारी का लिबाज़ था. वह अपने परिवार का सहारा और गांव की बेटियों के लिए प्रेरणा थी. काजल एक जिम्मेदार बेटी, समर्पित पुलिसकर्मी और संवेदनशील इंसान थी. दुर्भाग्य यह रहा कि जो काजल अपराध से लड़ने के लिए प्रशिक्षित थी, वही अपने घर में हिंसा का शिकार हो गई.
पढ़ाई से प्यार तक, फिर शादी
काजल ने 2022 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात गनौर निवासी अंकुर से हुई. दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने परिजनों को मनाकर 2023 में शादी कर ली. यह एक लव मैरिज थी, जिसमें शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर दिल्ली कैंट में तैनात था. बाहर से देखने पर यह एक पढ़ा-लिखा, आत्मनिर्भर और खुशहाल जोड़ा लगता था, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्ते में दरार पड़ चुकी थी.
शादी के 15 दिन बाद दहेज की मांग
परिजनों के अनुसार, शादी के महज 15 दिन बाद ही काजल की जिंदगी बदलने लगी थी. ससुराल पक्ष की ओर से गाड़ी और पैसों की मांग शुरू हो गई. काजल को ताने दिए जाने लगे और मानसिक प्रताड़ना का दौर चल पड़ा. धीरे-धीरे यह हिंसा शारीरिक रूप लेने लगी. कई बार परिवार ने समझौता कराने की कोशिश की. काजल ने अपने करियर और सम्मान को बचाने के लिए बहुत कुछ सहा, लेकिन दहेज की आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी.
अलग रहने के बाद भी नहीं बदले हालात
हालात बिगड़ते देख काजल 2024 में दिल्ली में अलग रहने लगीं। उम्मीद थी कि दूरी से हालात सुधरेंगे, लेकिन आरोप है कि पति अंकुर वहां भी गाड़ी और पैसों की मांग को लेकर मारपीट करता रहा. काजल सब कुछ सहती रहीं, क्योंकि वह अपने करियर और भविष्य को बचाना चाहती थीं. इसी दौरान वह चार महीने की गर्भवती भी थी. ड्यूटी, प्रेग्नेंसी और घरेलू तनाव के बीच संतुलन बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था.
22 जनवरी 2026 की खूनी रात
यही वो रात थी. जब करीब 10 बजे हालात ने खौफनाक मोड़ ले लिया. पुलिस के मुताबिक, उसी रात आरोपी पति अंकुर ने काजल पर जानलेवा हमला किया. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके सिर पर शैतान सवार था. उसने पहले काजल का सिर घर के दरवाजे की चौखट पर दे मारा और फिर लोहे के डंबल से उसके सिर पर वार किया. इस हमले का नतीजा ये हुआ कि काजल के सिर पर गंभीर चोटें आईं. वो खून से लथपथ हो चुकी थी. घर के अंदर चीख-पुकार गूंजती रही, लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. उसे बचाने कोई नहीं आया.
एक कातिल, दो कत्ल!
काजल वहीं गिर पड़ी थी. उसका जिस्म लाल खून से तर बतर था. ना जाने कुछ देर बाद अंकुर के दिमाग क्या आया. वो खुद ही घायल काजल को लेकर मोहन गार्डन स्थित तारक अस्पताल लेकर गया. वहां डॉक्टरों ने काजल की हालत नाजुक बताई. प्राथमिक उपचार के बाद उसे गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया. उसी अस्पताल में कई दिनों तक काजल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही. और आखिरकार 27 जनवरी 2026 को काजल मौत से हार गई और उसने दम तोड़ दिया. इस मौत के साथ एक नहीं, दो जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं.
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
जिस फ्लैट में यह वारदात हुई, वहां पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया और जांच करवाई. जांच के दौरान टीम को दरवाजे की चौखट और डंबल पर खून के निशान मिले. पुलिस को आशंका है कि पहले सिर चौखट पर मारा गया और फिर डंबल से वार किया गया. यही वजह है कि सिर में इतनी गंभीर चोटें आईं. काजल की फोरेंसिक रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि काजल पर बड़ी बेरहमी के साथ हमला किया गया था.
काजल की मौत के बाद कत्ल की FIR
जब इस मामले की छानबीन पुलिस ने शुरू की गई तो काजल अस्पताल में जिंदगी के लिए जंग लड़ रही थी. इसलिए शुरुआत में हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था. लेकिन काजल की मौत के बाद केस में हत्या की धारा जोड़ दी गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तेजी से एक्शन करते हुए काजल के आरोपी पति अंकुर को गिरफ्तार कर लिया. पहले उसे कोर्ट ले जाया गया, फिर अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच पड़ताल जारी है. आरोपी अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है.
दो जिंदगियों की हत्या
काजल के पिता राकेश और भाई निखिल का कहना है कि यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दो जिंदगियों का कत्ल है. पिता की आंखों में आंसू और आवाज में गुस्सा साफ झलकता है. परिजनों का आरोप है कि 22 जनवरी को अंकुर ने फोन कर कहा था, 'आकर अपनी बहन का शव ले जाओ.' इसके बाद परिजन दिल्ली पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उनका कहना है कि दहेज के लालच ने उनकी बेटी की जिंदगी छीन ली.
तिरंगे में लिपटी बेटी
सोनीपत के गनौर स्थित काजल के पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है. जिस बेटी पर पूरे गांव को गर्व था, वही तिरंगे में लिपटी हुई गांव लौटी. काजल का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया. पुलिस की सलामी, परिवार की चीखें और गांववालों की नम आंखें. यह मंजर हर किसी को अंदर तक झकझोर देने वाला था.
दहेज हिंसा पर सवाल
यह मामला सिर्फ दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो की हत्या का नहीं है, बल्कि दहेज और घरेलू हिंसा की उस कड़वी सच्चाई का है, जो आज भी समाज में जिंदा है. एक पढ़ी-लिखी, आत्मनिर्भर और बहादुर महिला भी अपने ही घर में सुरक्षित नहीं. काजल की मौत ने सिस्टम, कानून और समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सब जानना चाहते हैं कि काजल को इंसाफ कब मिलेगा.
हिमांशु मिश्रा / पवन राठी