UP में नया कानून- कोरोना वॉरियर्स पर थूकना पड़ेगा महंगा, बीमारी छिपाने पर भी सजा

स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही सफाईकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रत्येक कोरोना वॉरियर की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नया कानून बनाया गया है. अब कोरोना वॉरियर्स के खिलाफ समूह को उकसाने या भड़काने पर भी सख्त कार्रवाई होगी.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 06 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:57 PM IST

  • योगी कैबिनेट ने नए कानून को किया पास
  • अब कोरोना वॉरियर्स पर थूकने पर भी सजा

कोरोना वारियर्स को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला किया है. स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही सफाईकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और प्रत्येक कोरोना वॉरियर की सुरक्षा के लिए कानून बनाया गया है. इस कानून 'उत्तर प्रदेश लोकस्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश 2020' को योगी कैबिनेट ने पास भी कर दिया है.

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नए कानून के तहत, स्वास्थ्य कर्मियों, सभी पैरा मेडिकल कर्मियों, पुलिस कर्मियों और स्वच्छता कर्मियों के साथ ही शासन की तरफ से तैनात किसी भी कोरोना वॉरियर से की गई अभद्रता या हमले पर छह माह से लेकर सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है. साथ ही पचास हजार से लेकर 5 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा.

थूकने या नियम तोड़ने पर 3 साल तक की सजा

इसके साथ ही चिकित्सकों, सफाई कर्मियों, पुलिस कर्मियों और किसी भी कोरोना वारियर्स पर थूकने या गंदगी फेंकने पर या आइसोलेशन नियम तोड़ने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी. कोरोना वॉरियर्स के खिलाफ समूह को उकसाने या भड़काने पर भी सख्त कार्रवाई होगी. इसमें 2 से 5 साल तक की सजा और 50 हजार से 2 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है.

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वहीं, कोरोना महामारी को देखते हुए क्वारनटीन का उल्लंघन करने, अस्पताल से भागने और अश्लील वअभद्र आचरण करने पर पर एक से तीन साल की सजा और दस हजार से एक लाख तक का जुर्माना होगा. लॉक डाउन तोड़ने और कोरोना को फैलाने वालों के लिए भी कठोर सजा का प्रावधान है.

बीमारी छिपाने पर भी सजा का प्रावधान

अध्यादेश के मुताबिक, अगर कोई कोरोना मरीज स्वयं को छिपाएगा या फिर जानबूझ कर सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से यात्रा करता है तो तो उसे 1 से 3 साल की सजा हो सकती है और 50 हजार से एक लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

महामारी नियंत्रण प्राधिकरण का गठन

नए अध्यायदेश के अनुसार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक राज्य महामारी नियंत्रण प्राधिकरण बनेगा, जिसमें मुख्य सचिव सहित सात अन्य अधिकारी सदस्य होंगे. दूसरा तीन सदस्यीय जिला महामारी नियंत्रण प्राधिकरण होगा, जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे.

राज्य प्राधिकरण महामारी के रोकथाम नियंत्रण से संबंधित मामलों में सरकार को परामर्श देगा, जबकि जिला प्राधिकरण जिले में विभिन्न विभागों के क्रियाकलापों के साथ समन्वय स्थापित करेगा.

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