Stock Market Trigger: ट्रंप आएंगे भारत? ये तीन कारण... अचानक शेयर बाजार ने मारी पलटी, अब आगे क्या

US Market Updates: इसी हफ्ते अमेरिकी मार्केट (US Market) जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी. लेकिन उसके बाद बाजारों में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं, जिससे भारतीय बाजारों में भी विश्वास लौटा है.

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अचानक बाजार में सुधार के संकेत. (Photo: AI Generated) अचानक बाजार में सुधार के संकेत. (Photo: AI Generated)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 8:06 PM IST

शुक्रवार को भी गिरावट के साथ शेयर मार्केट की ओपनिंग हुई, और फिर भूचाल-सा आ गया. बिकवाली देख निवेशकों का गला सूखने लगा, तभी अचानक दोपहर में बाजार ने पलटी मारी. सेंसेक्स-निफ्टी में एक समय जोरदार तेजी देखी गई.

कारोबार के अंत सेंसेक्स करीब 94 अंक गिरकर 83216 अंक पर बंद हुआ. निचले स्तर से सेंसेक्स में करीब 556 अंकों की रिकवरी देखी गई, जबकि निफ्टी (Nifty) मामूली 17 अंक गिरक बंद हुआ. निफ्टी निचले स्तर से करीब 174 अंक संभला. हालांकि निफ्टी 25500 के ऊपर बंद होने में असफल रहा. 

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अचानक बाजार संभला क्यों, ये तीन कारण...
1. निचले स्तर पर शेयरों में खरीदारी: शेयर बाजारों में पिछले कई दिनों से लगातार गिरावट देखी जा थी. जिसके बाद कुछ स्टॉक्स (Stocks) वैल्यू के हिसाब से आकर्षक नजर आ रहे थे. जिसके बाद मेटल, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स में खरीदारी शुरू हो गई. फिर गिरावट थम गई और बाजार में रिकवरी देखने मिली. 

2. डोनाल्ड ट्रंप के भारत-दौरे के संकेत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. वहीं संभावना जताई जा रही है कि अगले साल भारत दौरे डोनाल्ड ट्रंप आ सकते हैं. इससे रिश्ते सुधरने के साथ ही ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर भी उम्मीद बढ़ रही है. अगर दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देते हैं तो फिर ये बाजार के लिए पॉजीटिव सिग्नल होगा.  

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3. ग्लोबल मार्केट में सुधार: 5 और 6 नवंबर को अमेरिकी मार्केट (US Market) जोरदार गिरावट दर्ज की गई थी. लेकिन उसके बाद बाजारों में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं, जिससे भारतीय बाजारों में भी विश्वास लौटा है. हालांकि अभी भी विदेशी निवेशक (FII) भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं. 

यही नहीं, जिस तरह से निचले स्तर से बाजार में सुधार देखने को मिला है. अगर आने वाले दिनों में वैश्विक माहौल, आर्थिक आंकड़े और कंपनियों की दूसरी तिमाही के नतीजे सकारात्मक रहे, तो यह उछाल जारी रह सकता है. 

बता दें,भारतीय बाजारों में गिरावट के पीछे भी तीन कारण थे. अक्टूबर माह में तगड़ी तेजी के बाद Profit-Booking. विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली, और वैश्विक आर्थिक माहौल में अनिश्चितता. 

बाजार में रिकवरी पर एक्सपर्ट्स की राय

हालांकि एक्सपर्ट्स इस गिरावट को खरीदारी का मौका भी बता रहे थे. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि प्रमुख समर्थन स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से घरेलू शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबर गए. हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि मिक्स कॉर्पोरेट इनकम, निगेटिव ग्लोबल सेंटीमेंट और FII की निकासी पर नजर रखनी होगी. 

वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर रिसर्च हेड अजीत मिश्रा ने कहा कि शुक्रवार को बाजारों में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार हुआ और लगभग स्थिर बंद हुआ, जिससे हालिया गिरावट के बाद कुछ राहत मिली. शुक्रवार को मेटल, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों ने तेजी का नेतृत्व किया, जबकि आईटी और FMCG शेयरों पर दबाव बना रहा.

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