सोमवार को चांदी (Silver) की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने मिली. एक किलो चांदी की कीमत गिरकर 235208 रुपये तक हो गई, जबकि सोने का भाव गिरकर 154125 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया.
दरअसल, पिछले करीब एक महीने से सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव दिख रही है, पिछले महीने 29 जनवरी चांदी का भाव चढ़कर 4,20,048 रुपये किलो हो गया था. जबकि सोना इसी दिन 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था. इस भाव से अब दोनों मेट्लस में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है.
सोमवार MCX पर चांदी खुलते ही करीब 4 फीसदी टूटकर कीमत 2,35,208 रुपये किलो तक लुढ़क गई. जो कि चांदी की ऑल टाइम हाई भाव से करीब 1,84,840 रुपये कम है. लेकिन इस गिरावट को देखते ही खरीदार उमड़ पड़े और शाम शाम 7 बजे चांदी की कीमत बढ़कर 240441 रुपये किलो हो गई.
सोने में भी बड़ी गिरावट के बाद खरीदारी
वहीं सोना अपने ऑल टाइम भाव से करीब 40 हजार रुपये सस्ता हो चुका है. सोमवार को सोने में भी 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही. दरअसल, तमाम आंकड़े बता रहे हैं कि सोने-चांदी को लेकर लोगों को क्रेज बढ़ गया है. और जैसे ही बड़ी गिरावट सामने आती है, लोग खरीदने के लिए उमड़ पड़ते हैं, जिससे भाव तुरंत चढ़ जाता है.
वहीं सोने का भाव एक साल पहले फरवरी 2025 में करीब 85000 रुपये प्रति 10 ग्राम था. यानी एक साल में सोने ने करीब 80 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि चांदी ने एक साल में ढाई गुना रिटर्न दिया है, फरवरी 2025 में चांदी की कीमत करीब 1 लाख रुपये किलो थी.
पहले सोने-चांदी पारंपरिक निवेश के तौर पर देखते थे. लेकिन अब हर वर्ग के लोग अपने पोर्टफोलियो में सोने-चांदी को जगह दे रहे हैं. सोना को लेकर युवाओं में भी क्रेज बढ़ा है, एक सर्वे करीब 62% जनरेशन Z और मिलेनियल्स अब भी इसे सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं.
युवाओं में सोने-चांदी को लेकर क्रेज
स्मिटन पल्सएआई (Smytten PulseAI) के सर्वे से पता चलता है कि युवा ग्राहक जमकर सोना खरीद रहे हैं, लेकिन खरीदारी के तरीके अलग है. सर्वे में 5000 लोगों की राय ली गई. जिसमें करीब 62% युवा ने कहा कि अगर आज उन्हें अभी 25,000 निवेश करना होगा, तो सबसे पहले सोना को चुनेंगे, जबकि 16.6% म्यूचुअल फंड , 13% फिक्स्ड डिपॉजिट, 6.6% स्टॉक और 1.9% क्रिप्टो में निवेश की बात कही. इसका मतलब है कि सुरक्षा और भरोसे के लिहाज से सोना युवा निवेशकों के बीच टॉप विकल्प बना हुआ है.
सर्वे में यह भी सामने आया कि सोने की खरीद अब पारंपरिक फैसलों से हटकर युवाओं के अपने फैसले पर आधारित हो रही है. लगभग 66.7% लोगों ने कहा कि हाल में उन्होंने जो खरीदा है, वो उनका स्वयं का फैसला है, न कि परिवार या बुजुर्गों के कहने पर. इससे यह संकेत मिलता है कि युवा ओर निवेश को लेकर खुद फैसले ले रहे हैं.
युवा निवेशक अब सोना खरीदते समय छोटे-छोटे टुकड़ों में निवेश करना पसंद कर रहे हैं. सर्वे के मुताबिक अधिकांश लोगों ने 5 ग्राम से कम सोना खरीदा है, और 27.5% ने तो 2 ग्राम से भी कम लिया. लगभग 34.4% ने 2-5 ग्राम के बीच खरीदारी की है.
आजतक बिजनेस डेस्क