नौकरी गई या छोड़ी, तो कंपनी को तुरंत करना होगा ये काम... नए कानून में खास बदलाव!

नए लेबर कोड के तहत कंपनी ने एक खास बदलाव किया है. अगर आपकी नौकरी चली जाती है या आप छोड़ देते हैं तो सभी एरियर के साथ सैलरी और अलाउंस का पैसा कंपनी 2 दिनों के भीतर करेगी. पहले यह समय 45 दिनों तक लग जाता था.

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नए श्रम कानून के तहत बड़ा बदलाव. (Photo: Getty) नए श्रम कानून के तहत बड़ा बदलाव. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:22 AM IST

देश में नया लेबर कोड लागू हो चुका है. इस बीच, एक खास बदलाव हुआ है, जो हर कर्मचारियों के लिए महत्‍वपूर्ण है. दरअसल, अगर आप किसी कंपनी में नौकरी करते हैं और फिर उसे छोड़ देते हैं तो अब आपको सिर्फ 2 दिन के अंदर ही पूरा सेटलमेंट मिल जाएगा यानी कि नौकरी छोड़ने के दो दिनों में ही पैसे का सेटलमेंट कर दिया जाएगा. 

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अभी तक ज्‍यादातर नौकरी छोड़ने या निकाले जाने के बाद कर्मचारियों को अपना बकाया पैसा पाने के लिए 40 से 45 दिनों का समय लगता था, जिससे कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी. यहां तक की घर का किराया देने या मंथली खर्च के लिए भी उन्‍हें दिक्‍कतों का सामना करना पड़ता था. हालांकि अब ये परेशानी खत्‍म होने जा रही है. अब फुल सेटलमेंट 2 दिनों के अंदर ही कर दिया जाएगा. लेकिन कुछ शर्तों के तहत सेटलमेंट अभी भी 1 महीने तक लागू हो सकता है.  

क्या है नया नियम?
1 अप्रैल 2026 से नए नियम के तहत कंपनियों को कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल (FnF) सेटलमेंट सिर्फ 2 वर्किंग डेज के अंदर करना होगा. यह नियम Code on Wages, 2019 के तहत लागू किया गया है. नए कानून के तहत अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या निकाला जाता है या कंपनी बंद हो जाती है तो इस कंडीशन में कंपनी को उसके सभी बकाया पेमेंट 2 वर्किंग दिवस के अंदर करना होगा. पहले इस प्रोसेस में 30 से 90 दिन का समय लग जाता है. 

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क्या है फुल एंड फाइनल सेटलमेंट?
फुल एंड फाइनल सेटमेंट का मतलब है कि कर्मचारी को उसकी नौकरी खत्‍म होने पर मिलने वाले सभी बकाया पैसों का हिसाब और पेमेंट करना है. इसमें सिर्फ सैलरी ही शामिल नहीं होती है, बल्कि अन्‍य अलाउंस और सर्विसेज शामिल होती हैं. 

क्‍या-क्‍या शामिल होता है? 

  • वर्किंग डे के हिसाब से आखिरी महीने की सैलरी
  • बची हुई छुट्टियों का पैसा 
  • परफॉर्मेंस के आधार पर मिलने वाला बोनस या इन्‍सेंटिव का पैसा
  • ऑफिस से जुड़े खर्च जैसे यात्रा या अन्य खर्चों का रिइम्बर्समेंट
  • टैक्स, एडवांस सैलरी, लोन या कंपनी के सामान वापस न करने पर कटौती

ग्रेच्‍युटी कब दिया जाता है? 
नए लेबर कोड में जो खास बदलाव किया गया है, उसमें अब एक साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्‍युटी का लाभ दिया जाएगा. पहले पांच साल की नौकरी करने के बाद ही ग्रेच्‍युटी दी जाती थी, लेकिन अब एक साल की नौकरी के बाद ही ग्रेच्युटी का लाभ कर्मचारियों को दिया जाएगा. कंपनी को इसे 30 दिन के अंदर ही देना होगा. 

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