अमेरिका-ईरान में तनाव (US-Iran Tension), होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चरम पर टेंशन (Hormuz Strait), क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी (Crude Oil Price), इन सबसे बीच कुछ रिपोर्ट्स में ये आशंका जाहिर की गई कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा (Petrol-Diesel Price Hike) हो सकता है और राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के बाद देखने को मिल सकता है.
अब इसे लेकर सरकार का बड़ा बयान सामने आ गया है, जिसमें इस तरह की खबरों का खंडन किया गया है और सा किया गया है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही सरकार इस पर विचार कर रही है.
'ये बिल्कुल फर्जी खबर...'
राज्य चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित संभावित बढ़ोतरी की खबरों पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से गुरुवार को बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि मंत्रालय इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है. बयान में इस तरह की खबरों को फर्जी करार दिया गया और कहा गया है कि इनका मकसद देश के लोगों के बीच डर और घबराहट पैदा करना है.
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर भी एक पोस्ट के जरिए इस पर तस्वीर साफ की गई है. इसमें लिखा है, 'फर्जी खबर, कुछ रिपोर्टों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सुझाव दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. ऐसी खबरें लोगों में घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई गई हैं और ये भ्रामक हैं.'
मिनिस्ट्री के बयान में ये भी कहा गया है कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार सालों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel Price) में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भारी वृद्धि से बचाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं.
कहां से आई प्राइस हाइक की खबर?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ब्रोकरेज फर्म ने अपने नोट में कहा कि भारत में चल रहे राज्य चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी देखी जा सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें देश की फ्लूय प्राइसिंग सिस्टम पर दबाव डाल रही हैं.
गौरतलब है कि US-Iran War Tension के चलते होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी जारी है. ये वो समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया की कुल खपत का करीब 20 फीसदी तेल-गैस गुजरता है. युद्ध की वजह से Hormuz Strait बंद होने का असर तमाम देशों में तेल-गैस संकट के रूप में देखने को मिला है और कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है.
तमाम ग्लोबल टेंशनों के बाद भी फिलहाल भारत में पेट्रोल-डीजल प्राइस स्थिर हैं. दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बनी हुई है, डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है. वहीं मुंबई में इसका रेट 87.67 रुपये प्रति लीटर है.
आजतक बिजनेस डेस्क