आज की तारीख में रसोई गैस हर घर की जरूरत है. बिना गैस एक दिन भी बीतना मुश्किल है. देश के अधिकतर घरों में फिलहाल रसोई गैस के तौर पर LPG की उपलब्धता है, यानी सिलेंडर वाली व्यवस्था है. हालांकि तेजी से PNG की सुविधा भी घरों तक पहुंचाई जा रही है. अधिकतर बड़े शहरों में PNG की सप्लाई हो रही है.
फिलहाल देश में PNG की कोई कमी नहीं है. सरकार तो ये भी दावा कर रही है कि LPG की सप्लाई सामान्य है. जबकि सिलेंडर को घर-घर तक पहुंचाना होता है, मौजूदा समय में कुछ लोग गलत तरीके से सिलेंडर का स्टोरेज कर रहे हैं, और सप्लाई सिस्टम थोड़ी गड़बड़ी के चलते गैस की किल्लत की खबरें आ रही हैं. इस बीच सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि अगर आपके घर या आपके गली होकर PNG लाइन गुजरी है, तो रसोई गैस के लिए PNG कनेक्शन ले लें और इस्तेमाल करें. अब LPG पर से निर्भरता खत्म करें.
दरअसल, अगर आपके इलाके में भी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, तो आपको जरूर LPG यानी सिलेंडर सिस्टम को छोड़कर PNG का इस्तेमाल करना चाहिए. LPG के मुकाबले PNG सरल (Convenience), सुरक्षित (Safety) और बचत (Savings) वाला कराता है, यानी बेहतर विकल्प है. कुछ लोग PNG को लेकर भी कंफ्यूज हैं.
बता दें, एलपीजी (LPG) और पीएनजी दोनों ही रसोई के लिए ईंधन हैं, लेकिन इनके काम करने का तरीका केवल अलग है. एक आम उपभोक्ता के लिए LPG की तुलना में PNG के 5 बड़े फायदे गिनाते हैं.
1. सप्लाई का तरीका (बॉटल बनाम पाइप)
LPG: एलपीजी सिलेंडर में भरकर आती है. आपको इसे खत्म होने से पहले बुक करना पड़ता है और डिलीवरी का इंतजार करना पड़ता है. अगर आप बहुमंजिला इमारत में रहते हैं तो फिर चढ़ाने-उतराने की परेशानी लगी रहती है.
PNG: यह सीधे पाइप के जरिए आपके चूल्हे तक आती है, जैसे कि आपके घर में पानी का नल लगा है. इसमें कभी गैस खत्म होने या बुकिंग करने का झंझट नहीं होता है.
2. सुरक्षा (Safety First)
LPG: एलपीजी हवा से भारी होती है, इसलिए रिसाव होने पर यह फर्श पर जमा हो जाती है, जिससे आग लगने का खतरा ज्यादा होता है. सिलेंडर लीकेज एक बड़ी समस्या है, आए दिन सिलेंडर में आग लगने की खबरें आती हैं.
PNG: पीएनजी (मिथेन) हवा से हल्की होती है. अगर कभी रिसाव हो भी जाए, तो यह तुरंत हवा में ऊपर उड़कर फैल जाती है, जिससे बड़े हादसे का डर बहुत कम होता है. यही नहीं, सप्लाई को रोकने की सुविधा होती है, जिससे आग लगने का खतरा बिल्कुल ना के बराबर हो जाता है.
3. पेमेंट और बिलिंग
LPG: आपको सिलेंडर लेते समय हर बार पैसे देने होते हैं. कभी-कभी इसकी कीमतें अचानक घटती-बढ़ती रहती हैं.
PNG: इसमें आपको पहले से पैसे नहीं देने होते हैं, महीने के अंत में उतना ही बिल आता है, जितनी गैस आपने इस्तेमाल की है. यानी बिल्कुल बिजली के बिल की तरह भुगतान करना होता है.
4. जगह की बचत
LPG: घर की रसोई में सिलेंडर रखने के लिए एक खास जगह बनानी पड़ती है. साथ ही, सेफ्टी के लिए एक भरा हुआ सिलेंडर भी साथ रखना पड़ता है. ताकि किस दिन सिलेंडर खत्म हो जाएगा, इसका पता नहीं.
PNG: इसमें कोई सिलेंडर नहीं होता है, सिर्फ एक पतली पाइपलाइन होती है. इससे आपकी रसोई में जगह बचती है और भारी सिलेंडर को उठाने या इधर-उधर करने की जरूरत नहीं पड़ती है.
5. मिलावट और चोरी (Transparency)
LPG: कई बार सिलेंडरों से गैस चोरी होने या कम वजन होने की शिकायतें आती हैं. ये शिकायतें गांव से लेकर शहर तक आम बात है, क्योंकि इसमें डिलीवरी करने वालों की संदिग्ध भूमिका होती है.
PNG: यह मीटर के जरिए आती है, इसलिए इसमें चोरी या मिलावट की कोई गुंजाइश नहीं होती है. आप जितना इस्तेमाल करेंगे, मीटर में उतनी ही रीडिंग आएगी.
आपके के लिए PNG बेस्ट क्यों?
एक आम ग्राहक के लिए पीएनजी (PNG) को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि सिलेंडर खत्म होने का डर नहीं होता है. सिलेंडर उठाने का झंझट नहीं होता है. हालांकि शुरुआती कनेक्शन में थोड़ा खर्च हो सकता है. लेकिन लंबी अवधि में पीएनजी, एलपीजी के मुकाबले सस्ती पड़ती है. क्योंकि इसमें कोई बर्बादी नहीं होती और डिलीवरी चार्ज भी नहीं देना पड़ता.
अमित कुमार दुबे