Gas Shortage: युद्ध से अब गुजरात में हड़कंप... 100 फैक्ट्रियों में काम बंद, 400 पर और खतरा!

Morbi Tiles Industry: मोरबी में सैकड़ों फैक्ट्रियां टाइल्स और अन्य सिरेमिक प्रोडक्ट्स बनाती हैं, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ कई देशों में निर्यात किए जाते हैं. प्रोपेन गैस (Propane Gas) की सप्लाई रुकने से 100 फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन बंद हो गया है. धीरे-धीरे संकट और गहराता जा रहा है.

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गैस सप्लाई बाधित होने फैक्ट्रियों में लटका ताला. (Photo: morbionline.in) गैस सप्लाई बाधित होने फैक्ट्रियों में लटका ताला. (Photo: morbionline.in)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

ईरान और इजरायल में युद्ध का असर अब भारत पर पड़ने लगा है. गुजरात से बड़ी खबर आ रही है, गुजरात मोरबी में (Morbi) में फ्यूल सप्लाई  बाधित होने से करीब 100 फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं. ये सभी सिरेमिक उद्योग से जुड़ी कंपनियां हैं. मोरबी शहर टाइल और घड़ियों के निर्माण के लिए मशहूर है. 

दरअसल, मोरबी दुनिया के सबसे बड़े सिरेमिक विनिर्माण केंद्रों में से एक है. मिडिल-ईस्ट में तनाव के बीच उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में करीब 400 और यूनिट्स के बंद होने का खतरा है. 

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गैस सप्लाई रुकने से काम ठप, फैक्ट्रियों में लटका ताला

मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अरवड़िया ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति की वजह से पिछले दो दिनों से प्रोपेन गैस (Propane Gas) की सप्लाई नहीं हो पा रही है, आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है. उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में गैस पर निर्भर कई यूनिट्स में उत्पादन बंद करना पड़ा है. 

मोरबी में सैकड़ों फैक्ट्रियां टाइल्स और अन्य सिरेमिक उत्पाद बनाती हैं, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ कई देशों में निर्यात किए जाते हैं. हालांकि जिन फैक्ट्रियों को गैस की सप्लाई गुजरात गैस के जरिए मिल रही है, वे फिलहाल काम कर रही हैं. लेकिन उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि गैस की उपलब्धता अभी लगभग 50 फीसदी ही रह गई है, ऐसे में अगर स्थिति नहीं सुधरी तो 20 मार्च तक इन यूनिट्स पर भी बंद होने का खतरा मंडरा सकता है. 

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युद्ध की वजह से एक्सपोर्ट पर असर 

ईंधन संकट का असर निर्यात पर भी पड़ रहा है. उद्योग के मुताबिक तैयार माल गोदामों में पड़ा है. शिपमेंट अटका हुआ है. जबकि कई नए एक्सपोर्ट ऑर्डर फिलहाल रोक दिए गए हैं. इससे उद्योग के भुगतान और फाइनेंशियल साइकिल पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि निर्यात में भुगतान आमतौर पर शिपमेंट के बाद शुरू होता है.

फैक्ट्रियों में काम बंद होने का असर हजारों मजदूरों पर भी पड़ने वाला है. फिलहाल फैक्ट्रियां अपने कर्मचारियों को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अगर लंबे समय तक प्रोडक्शन ठप रहा तो रोजगार पर भी खतरा बढ़ सकता है. इस बीच उद्योग संगठन ने राज्य सरकार से मदद की मांग की है.

बता दें, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंचता है और Strait of Hormuz से गैस और ईंधन की सप्लाई प्रभावित होती है, तो मोरबी का सिरेमिक उद्योग बड़े संकट का सामना कर सकता है.

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