ठंड लग नहीं रही है, लेकिन गर्मी भी नहीं लग रही, अप्रैल का पहला हफ्ता बीत चुका है. इसके बावजूद उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी का अहसास कम है, गर्मी कम होने से AC बनाने वाली कंपनियां परेशान हो गई हैं. क्योंकि AC के खरीदार बाजार से गायब हैं.
दरअसल, बेमौसम बारिश और गिरते तापमान की वजह से इस साल अब तक एयर कंडीशनर (AC) की बिक्री की सुस्त पड़ी है. डिमांड में गिरावट से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों पर दबाव बढ़ रहा है.
वैसे आमतौर पर मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में भारत में AC की बिक्री जबरदस्त रहती है. लेकिन इस साल अप्रैल का पहला हफ्ता बीतने के बाद भी गर्मी न पड़ने से AC की बिक्री ठप पड़ी है, ग्राहक गर्मी का इंतजार कर रहे हैं.
आंकड़ों के मुताबिक इस साल शुरुआती सीजन में एयर कंडीशनर की मांग में पिछले साल के मुकाबले 30% तक की गिरावट देखी गई है. जबकि कंपनियों ने उम्मीद से ज्यादा गर्मी के अनुमान पर पहले ही भारी स्टॉक तैयार कर लिया था. अब मांग न होने से डीलरों के पास करीब 2.5 मिलियन यूनिट्स का स्टॉक जमा हो गया है, जिससे कंपनियों के वर्किंग कैपिटल पर दबाव बढ़ रहा है.
AC कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट
मौसम की इस अनिश्चितता ने शेयर बाजार में लिस्टेड दिग्गज AC कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है. निवेशकों को डर है कि अगर अप्रैल के बाकी दिनों में भी यही हाल रहा, तो वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे बेहद निराशाजनक हो सकते हैं.
Voltas के शेयरों में बड़ी गिरावट
मार्केट लीडर होने के नाते वोल्टास पर सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है. पिछले कुछ हफ्तों में इसके शेयरों में सुस्ती और गिरावट का रुख बना हुआ है. एक महीने में Voltas के शेयर 15 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं. AC बाजार में वोल्टास का अकेले करीब 18 फीसदी हिस्सेदारी है. इसलिए सबसे ज्यादा दबाव इसी कंपनी के शेयर में दिख रहा है.
Blue Star के शेयर भी पस्त
गर्मी कम पड़ने की वजह से Blue Star कंपनी भी संकट में है. इस कंपनी की भी AC काफी बिकती है. पिछले एक महीने ब्लू स्टार कंपनी के शेयर करीब 18 फीसदी फिसल चुके हैं. महज पिछले 5 दिन में 8 फीसदी शेयर टूटा है, जबकि इस दौरान बाजार में रिकवरी देखी गई. फरवरी के मुकाबले अप्रैल के पहले हफ्ते में शेयर 22 फीसदी तक टूट चुका है. Havells India के शेयर भी पिछले एक महीने में 8 फीसदी गिरा है.
इसके अलावा Whirlpool India का शेयर एक महीने में 8 फीसदी और LG Electronics इंडिया का शेयर पिछले एक महीने में 10 फीसदी फिसल चुका है. दरअसल, AC की डिमांड सुस्त रहने से कंपनियों के ग्रोथ अनुमान को भी झटका लग सकता है. यही नहीं, डिमांड कम होने के कारण कंपनियां स्टॉक निकालने के लिए भारी डिस्काउंट भी अब दे रही हैं, जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन में कमी आने की संभावना है.
चुनौतियों का चौतरफा हमला
सिर्फ मौसम ही नहीं, बल्कि जनवरी 2026 से लागू हुए नए एनर्जी एफिशिएंसी (BEE Ratings) नियमों के कारण AC की कीमतों में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे मध्यम वर्गीय ग्राहकों की खरीदारी करने की क्षमता प्रभावित हुई है. इसके अलावा युद्ध की वजह से कॉपर और अन्य कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ी हैं.
भले ही अप्रैल की शुरुआत फीकी रही है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर मई और जून में भीषण गर्मी (Heatwave) पड़ती है, तो फिर अचानक AC की खरीदारी में तेजी आ सकती है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मई और जून में गर्मी बढ़ने और लू चलने का अनुमान है. खासकर मध्य और उत्तर भारत में ऐसा देखने को मिलेगा. इसके अलावा जून और अगस्त के बीच अल नीनो की स्थितियां बनने का अनुमान है.
आजतक बिजनेस डेस्क