को फसल की बेहतर कीमत न मिलने के पीछे सबसे बड़ी वजह बिचौलिये हैं. सरकार भले ही अभी भी इस व्यवस्था से पार पाने की कोशिश में जुटी हुई है, लेकिन हरियाणा के अंबाला के रहने वाले सचिन देव वशिष्ट ने इसका तोड़ ढूंढ निकाला है. इससे वह न सिर्फ किसानों को उनकी फसल की सही कीमत दे पाते हैं, बल्कि वह खुद भी अच्छी कमाई करते हैं.
सचिन देव वशिष्ट केसर का कारोबार करते हैं. सचिन ने बताया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर के किसानों को ध्यान में रखकर अपने कारोबार की शुरुआत की. उन्होंने देखा कि की जो असल कीमत मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल रही है. सचिन ने जानकारी दी कि बिचौलिये यहां के किसानों से केसर खरीदकर सउदी अरब में महंगे दामों पर बेचा करते थे. हालांकि इस कीमत के मुताबिक ये किसानों को भुगतान नहीं करते थे.
सचिन ने बताया कि देश में ही किसानों को उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल रही थी. इसलिए हमने फैसला लिया कि किसानों से सीधे संपर्क किया जाए और उनकी फसल की उन्हें सही वैल्यू दी जाए. सचिन ने अपने बड़े भाई सुनील की मदद से अपने कारोबार की शुरुआत 'किंग केसरिया' नाम से की. सुनील जम्मू-कश्मीर में ही एक गैर सरकारी संस्था के साथ काम करते थे.
सचिन बताते हैं कि अपने कारोबार को स्थापित करने के लिए उन्होंने पार्ट टाइम जॉब भी की, ताकि वह अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए काम कर सकें. पार्ट टाइम जॉब की बदौलत सचिन ने किंग केसरिया नाम से ही अपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट भी शुरू की और अपने कारोबार को बढ़ाया.
अपने इस कारोबार के बूते सचिन हर साल 30 लाख रुपये तक की कमाई कर लेते हैं. उनकी वेबसाइट को ब्रिटेन ने दुनिया की टॉप 3 एग्री ई- कॉमर्स वेबसाट की सूची में भी रखा है. उन्होंने बताया कि वह किसानों का विश्वास जीतने में कामयाब हुए और इसका फायदा न सिर्फ उन्हें मिला है, बल्कि किसानों को भी इसकी मदद से बेहतर कीमत मिली है.
विकास जोशी