पंजाब नेशनल बैंक में हुए 13 हजार करोड़ रुपये के फ्रॉड के बाद बैंक लगातार नियम कड़े करने में जुटा हुआ है. इसी दिशा में ने कर्ज जोखिम का आकलन करने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. यही नहीं, बैंक ने निगरानी व्यवस्था को भी और मजबूत किया है. दूसरी तरफ, बैंक ने यह भी कहा कि वह जल्द ही हीरा कारोबारी नीरव मोदी की तरफ से किए गए इस फ्रॉड से उबर जाएगा.
पीएनबी के चीफ एग्जीक्यूटिव सुनील मेहता ने बैंक के एक कार्यक्रम में कहा कि हमने कर्ज देने की व्यवस्था को कड़ा कर दिया है. उन्होंने इस मौके पर कहा कि इतना सक्षम है कि वह ऐसी ही किसी धोखाधड़ी से बाहर निकल सके. पीएनबी अगले 6 महीनों के भीतर इससे उबर जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से बैंक लगातार व्यवस्था को सुधारने में लगा हुआ था.
पीएनबी ने एक बयान जारी कर बताया कि भविष्य में किसी धोखाधड़ी की संभावना को खत्म करने के लिए उसने कर्ज जोखिम आकलन प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है. पीएनबी की तरफ से यह कदम इसी साल फरवरी में सामने आए 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बाद उठाया गया है.
पीएनबी ने कर्ज जोखिम के आकलन की नई प्रक्रिया को चार भागों में बांटा है, जिसे अलग-अलग कर्मचारी देखेंगे. यह चार प्रक्रियाएं सोर्सिंग, आकलन, प्रसंस्करण एवं जोखिम आकलन , दस्तावेजीकरण व वितरण और वसूली पर आधारित होंगी. बैंक ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2018-19 में वह 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का करेगा.
बता दें कि नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये 13 हजार करोड़ रुपये का फ्रॉड किया था. इसमें नीरव मोदी के अलावा गीतांजलि ज्वैलर्स के मेहुल चौकसी का नाम भी शामिल है.
विकास जोशी