सीतारमण ने कहा- बजट से पहले अर्थव्यवस्था पर दें सुझाव, करेंगे विचार

अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए नीति और वित्तीय प्रोत्साहन की श्रृंखला के बाद मंत्री अब केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो सिर्फ 45 दिन बाद है.

बजट से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की पहल
aajtak.in
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  • 15 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

  • बजट पूर्व परामर्श सोमवार से हो रहा है शुरू
  • दूसरी तिमाही में जीडीपी घटकर 4.5 फीसदी

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण वित्तवर्ष 2020-21 के बजट में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 'सेक्टोरियल इंटरवेंशन' के लिए तैयार हैं, अगर सुझाव बजट पूर्व परामर्श के दौरान उनके नोटिस में लाए जाते हैं. दरअसल, यह बजट पूर्व परामर्श सोमवार से शुरू हो रहे हैं.

बजट से पूर्व वित्त मंत्री ने मांगे सुझाव

दरअसल अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए नीति और वित्तीय प्रोत्साहन की श्रृंखला के बाद मंत्री अब केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो सिर्फ 45 दिन बाद है.

उन्होंने शुक्रवार को कहा, 'मुझे उम्मीद है कि नीतिगत हस्तक्षेप जल्द ही परिणाम देने शुरू कर देंगे. विभिन्न क्षेत्रों के संबंध में हमने मांगों के अनुसार दखल दिया है. मैं इन कदमों के परिणामों को देखने को उत्सुक हूं. हम सोमवार से बजट-पूर्व परामर्श शुरू कर रहे हैं.'

गिरती अर्थव्यवस्था चिंता का विषय

मंत्री यहां नॉर्थ ब्लॉक में संघों और व्यापार निकायों के साथ 'उद्योग, सेवाओं और व्यापार' पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट पूर्व परामर्श आयोजित करेंगी. उद्योग, सेवाएं और व्यापार के तहत कई मुद्दे हैं, इन सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए बैठक में चर्चा की जाएगी.

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए और उपायों की घोषणा कर सकती हैं. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर घटकर 4.5 फीसदी पर पहुंच गई है, जो साढ़े छह वर्षों का निचला स्तर है.

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