सालों के इंतजार के बाद आखिर नोएडा एयरपोर्ट के शुरू होने का वक्त आ गया है. कुछ साल पहले जब एयरपोर्ट का ऐलान हुआ था, तभी से इस इलाके में प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ने लगी थीं. यहां रियल एस्टेट में पैसा लगाने के लिए निवेशकों की भीड़ जुटने लगी थी.
रियल एस्टेट कंसल्टेंट स्क्वायर यार्ड्स की ताजा रिपोर्ट 'रनवे टू रियल्टी' के अनुसार, पिछले पांच सालों में दिल्ली-एनसीआर के इस क्षेत्र में अपार्टमेंट की औसत कीमतों में लगभग तीन गुना की वृद्धि दर्ज की गई है. इस उछाल की मुख्य वजह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी बड़ी बुनियादी परियोजनाएं हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 से 2025 के बीच जेवर एयरपोर्ट के विकास ने प्रॉपर्टी की वैल्यू को तेजी से बढ़ाया है. जहां अपार्टमेंट की कीमतें तीन गुना बढ़ीं, वहीं प्लॉट की वैल्यू में औसतन 1.5 गुना का इजाफा हुआ, हालांकि कुछ चुनिंदा पॉकेट्स में यह ग्रोथ 5 गुना तक भी देखी गई. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं, जिसे देखते हुए आने वाले दो वर्षों में कीमतों में 22% से 28% तक की और बढ़ोतरी की उम्मीद है.
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और बढ़ेंगी कीमतें
स्क्वायर यार्ड्स के सीईओ तनुज शोरी का मानना है कि यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एक 'एयरोट्रोपोलिस' के रूप में विकसित करेगा, जिससे लंबे समय तक निवेश और मांग बनी रहेगी. रिपोर्ट में मांग के बदलते पैटर्न पर रोशनी डालते हुए बताया गया है कि एयरपोर्ट के काम में आती तेजी की वजह से निवेशकों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे प्लॉट की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है.
इसके उलट, अपार्टमेंट की कीमतों में स्थिरता के साथ बढ़त देखी गई है, जिसका मुख्य कारण खुद रहने के लिए घर खरीदने वाले खरीदार हैं. भविष्य की बात करें तो, अनुमान है कि 2026 और 2027 में बाजार ऊंचे स्तरों पर स्थिर होगा.
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