अमेरिकी हाउसिंग मार्केट इस समय संघर्ष के दौर से गुजर रहा है. ईरान से अमेरिका और इजरायल के युद्ध के कारण यहां घरों की सेल पर साफ असर दिख रहा है. नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स (NAR) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में बेचे गए घरों की संख्या नौ महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जिसमें पिछले महीने की तुलना में 3.6% की गिरावट दर्ज की गई.
एक सामान्य 30-वर्षीय फिक्स्ड डील के लिए औसत दरें पिछले हफ्ते 6.37% पर रहीं, जो फरवरी में देश पर हमले शुरू होने से पहले 5.98% थीं. आलम ये है कि खरीदार खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं वे समझ नहीं पा रहे हैं कि निर्णय कैसे लें.
NAR ने मार्च में अमेरिका में 3.98 मिलियन मौजूदा घरों की बिक्री दर्ज की, जो जून के बाद से सबसे कम संख्या है. ये आंकड़े काफी हद तक युद्ध शुरू होने से पहले हुए समझौतों को दर्शाते हैं, लेकिन यह भी दिखाते हैं कि हमलों की शुरुआत से पहले ही बाजार पर दबाव के संकेत मिलने लगे थे.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, उत्तर भारत के रियल एस्टेट का 'गेम चेंजर', इन शहरों में बरसेगा पैसा!
जंग से बदल गए हालात
विश्लेषकों को उम्मीद थी कि बंधक दरों में गिरावट के बाद 2026 हाउसिंग मार्केट के लिए रिकवरी का साल होगा. लेकिन, जनवरी और फरवरी में गिरावट के बाद, अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के साथ ही दरों में भारी उछाल आया है. दरें इस उम्मीद में बढ़ रही हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने के लिए ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में कटौती की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.
मार्च के बिक्री आंकड़ों पर उपभोक्ता विश्वास में आई कमी और अमेरिकी जॉब मार्केट की कमजोरी का असर पड़ा है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह बात NAR के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. लॉरेंस युन ने कही. आपूर्ति में कमी के कारण भी एक औसत घर की कीमत बढ़कर $408,800 (£304,000) हो गई, जो एक साल पहले की तुलना में 1.4% अधिक है.
रेडफिन (Redfin) के प्रमुख लिस्टिंग एजेंट वैलेजो ने बीबीसी को बताया कि अगर ऊर्जा की बढ़ती कीमतें व्यापक आर्थिक मंदी का कारण बनती हैं, तो युद्ध का प्रभाव और भी बदतर हो सकता है, वैलेजो ने कहा, "यह चिंता का एक ऐसा विषय है जिससे हम सभी अवगत हैं, क्योंकि इसके कारण लोगों की नौकरियां जा सकती हैं. इसमें से बहुत कुछ खरीदारों की इस भावना के कारण है कि उन्हें थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए और जहां तक विक्रेताओं का सवाल है, मुझे लगता है कि उनके मन में यह उम्मीद थी कि इस साल दुनिया में थोड़ी कम अफरा-तफरी होगी और चीजें थोड़ी अधिक शांत रहेंगी."
ईरान के साथ चल रहे तनाव का असर अमेरिका के रियल एस्टेट मार्केट में भी साफ देखा जा रहा है.
aajtak.in