जैसे-जैसे भारतीय शहर ग्लोबल हो रहे हैं, लोगों रहने के तरीके और घरों के डिजाइन में भी क्रांतिकारी बदलाव आया है. आज का शहरी भारतीय एक ऐसा स्पेस चाहता है, जहां काम, आराम और मनोरंजन एक साथ हो.
अब प्राथमिकता केवल 'प्राइम लोकेशन' नहीं, बल्कि 'इन-हाउस एक्सपीरियंस' को दी जा रही है. स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी से लेकर आधुनिक वास्तुकला ने शहरी जीवन को एक नया आयाम दिया है.
गोएल गंगा डेवलपमेंट्स के डायरेक्टर गुंजन गोएल कहते हैं- ' आधुनिक होम डिजाइन ने चार दीवारों के पुराने कॉन्सेप्ट को पीछे छोड़ दिया है. आज हम 'लिविंग स्पेस' में नहीं, 'लिविंग एक्सपीरियंस' में निवेश कर रहे हैं. वर्क-लाइफ बैलेंस को ध्यान में रखते हुए अब घरों को ऐसे डिजाइन किया जा रहा है, जहां आप काम भी कर सकें और सुकून से रिलैक्स भी. ओपन किचन से लेकर हरियाली से भरपूर बालकनी तक आज का आर्किटेक्चर खुलेपन और ताजी हवा को आपके बेडरूम तक लेकर आ रहा है.'
आरपीयस ग्रुप के डायरेक्टर अमन गुप्ता कहते हैं- ' शहरी भारत में घर अब केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली 'लाइफस्टाइल स्टेटमेंट' बन चुके हैं, जहां आधुनिक डिजाइन ने लोगों के रहने और सोचने के नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है. आज के प्रोजेक्ट्स में खरीदारों को सिर्फ फ्लैट नहीं, बल्कि एक संपूर्ण 'लाइफस्टाइल पैकेज' मिलता है, जिसमें रूफटॉप कैफे, को-वर्किंग स्पेस और योगा डेक जैसी रिसॉर्ट स्तर की सुविधाएं शामिल होती हैं.'
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स्मार्ट टेक्नोलॉजी का ट्रेंड
एलेगन्स इंटरप्राइजेज & एलेगन्स इंफ्रा के फाउंडर रविकांत का कहना है- ' आज मेट्रो सिटीज में स्मार्ट टेक्नोलॉजी ने घरों के डिजायन को पूरी तरह से बदल दिया है. अब घर का मतलब सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि एक अच्छी लाइफस्टाइल बन गया है. स्मार्ट गैजेट्स, ज्यादा खुली जगह और दिन की भरपूर रोशनी जैसी चीजें हमारे रोजमर्रा के जीवन को और भी आसान और हेल्दी बना रही हैं. कम जगह में भी खूबसूरत डिजाइन और सही इस्तेमाल ही आज के दौर की सबसे बड़ी खूबी है. साथ ही, घर में ऑफिस जैसा माहौल (Work-from-home corner), चारों तरफ हरियाली और मिल-जुलकर रहने के लिए कॉमन स्पेस आज के परिवारों की पहली पसंद बन गए हैं.'
सांघवी रियल्टी के निदेशक पक्षाल सांघवी कहते हैं- 'भारतीय शहरों में घरों का डिजाइन अब भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बदला जा रहा है, ताकि वे ज्यादा टिकाऊ और सुविधाजनक हों. अब डेवलपर्स के लिए यह सिर्फ बिल्डिंग बनाने का काम नहीं है, बल्कि एक ऐसा अनुभव तैयार करने का मौका है जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पहले से बेहतर और आसान बना सके.'
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