लखनऊ या नोएडा, निवेश के लिए कौन सा शहर है 'हॉट' डेस्टिनेशन?

उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में आए अभूतपूर्व उछाल के बीच अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेश के लिए नोएडा या लखनऊ कौन सा शहर बेहतर रिटर्न देगा.

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लखनऊ में अब भी किफायती है प्रॉपर्टी के दाम (Photo-Pexels) लखनऊ में अब भी किफायती है प्रॉपर्टी के दाम (Photo-Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:54 PM IST

उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट बाजार इस समय अपने सबसे बेहतर युग से गुजर रहा है, जहां साल 2025 में कुल निवेश का आंकड़ा 68,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, वहीं 2026 के 4 महीने में ही 25 हजार से ज्यादा निवेश किया जा चुका है. इस विकास यात्रा के केंद्र हैं यूपी के दो बड़े शहर नोएडा और लखनऊ हैं.

लंबे समय तक नोएडा सबसे ज्यादा डिमांड में रहा है. लेकिन यूपी रेरा के ताजा आंकड़े एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं. साल 2025 में जहां नोएडा में 69 नए प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए, वहीं लखनऊ 67 प्रोजेक्ट्स के साथ उसे कड़ी टक्कर दे रहा है. 2026 की शुरुआत में भी यह रुझान बरकरार है, जो यह दर्शाता है कि अब निवेशक और डेवलपर्स दोनों ही राजधानी लखनऊ को निवेश के एक 'पावर सेंटर' के रूप में देख रहे हैं.

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वहीं नोएडा का सबसे बड़ा आकर्षण इसका विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी मेगा परियोजनाएं हैं. दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा होने के कारण यहां अंतरराष्ट्रीय मल्टीनेशनल कंपनियों और डेटा सेंटर्स की भरमार है. जो इसे रेंटल इनकम के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प बनाता है.

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नोएडा में प्रदूषण है बड़ी समस्या

हालांकि, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतों में अब ठहराव देखा जा सकता है, जिससे यहां भविष्य में कीमतों में बहुत अधिक उछाल की गुंजाइश सीमित है. यहां का जीवन काफी तेज है, लेकिन प्रदूषण और कंक्रीट के बढ़ते जंगल जीवन की गुणवत्ता के सामने बड़ी चुनौती पेश करते हैं.

इसके विपरीत, लखनऊ इस समय 'कैपिटल एप्रिसिएशन' यानी संपत्ति के दामों में बढ़ोतरी के मामले में नोएडा से आगे निकलता दिख रहा है. अमर शहीद पथ, सुल्तानपुर रोड और आउटर रिंग रोड जैसे इलाकों में बुनियादी ढांचे के विस्तार ने निवेशकों को आकर्षित किया है. लखनऊ में जमीन और फ्लैट की कीमतें नोएडा के मुकाबले अभी भी कम हैं, जिससे मध्यम वर्गीय निवेशकों के लिए यहां मुनाफे की संभावना अधिक है. साथ ही, उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी होने और बेहतर वायु गुणवत्ता के कारण लोग यहां रहने को भी प्राथमिकता दे रहे हैं. यूपी रेरा की हालिया रिपोर्ट बताती है कि लखनऊ अब सिर्फ रहने के लिए नहीं, बल्कि व्यावसायिक लाभ के लिए भी एक बड़ा ग्रोथ हब बन चुका है.

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2026 में निवेश का फैसला आपके लक्ष्यों पर निर्भर करता है,  अगर आप तुरंत और सुरक्षित रेंटल इनकम चाहते हैं और आपका बजट अधिक है, तो नोएडा आपके लिए बेहतर विकल्प है, लेकिन अगर आप लंबी अवधि में अपनी संपत्ति की कीमत को दोगुना या तिगुना होते देखना चाहते हैं और एक किफायती बजट में निवेश की तलाश में हैं, तो लखनऊ निश्चित रूप से एक 'गोल्ड माइन' साबित होगा. यूपी रेरा द्वारा फ्लैट ट्रांसफर फीस में की गई हालिया कटौती और नियमों में पारदर्शिता ने दोनों ही शहरों में घर खरीदारों के विश्वास को और मजबूत किया है.
 

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