दुबई ने कामकाजी दुनिया में एक नया बदलाव लाते हुए 'वर्क फ्रॉम पार्क' (Work from Park) पहल की शुरुआत की है. 'वर्क फ्रॉम होटल' के बाद शुरू हुई यह योजना पारंपरिक दफ्तरों के ढर्रे को तोड़कर पार्कों में तकनीक से लैस एक बेहतरीन माहौल उपलब्ध कराएगी.
दुबई में अब दफ्तर का काम सिर्फ चारदीवारी के अंदर ही नहीं, बल्कि पार्कों की हरियाली के बीच भी हो सकेगा. गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना के जरिए पार्कों में खास वर्किंग एरिया बनाए जा रहे हैं, जहां हाई-टेक सुविधाएं मौजूद होंगी. इसका फायदा यह होगा कि लोग ताजी हवा और सुकून के बीच काम कर पाएंगे, जिससे उनका तनाव कम होगा और पार्कों में भी रौनक बढ़ेगी.
इस अनोखे सफर की शुरुआत मई 2026 में अल बरशा पॉन्ड पार्क से होगी. यहां ऐसे छोटे और ईको-फ्रेंडली केबिन बनाए जाएंगे जो दिखने में सुंदर होंगे और पार्क के प्राकृतिक नजारे को बिल्कुल खराब नहीं करेंगे. दुबई प्रशासन की योजना है कि इस साल के अंत तक शहर के दूसरे बड़े पार्कों में भी ऐसी ही शानदार सुविधाएं शुरू कर दी जाएं.
किन लोगों को फायदा
यह पहल शहरों के विकास का एक नया मॉडल पेश करती है, जिसमें पार्कों को सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि काम करने के लिए भी तैयार किया जा रहा है. इसका सबसे बड़ा फायदा फ्रीलांसरों, छोटे कारोबारियों (SMEs) और घर से काम करने वाले उन लोगों को मिलेगा जो एक खुले और सुकून भरे माहौल की तलाश में रहते हैं. खास बात यह है कि काम की इन सुविधाओं के बीच पार्क की अपनी रौनक और हरियाली भी पूरी तरह बरकरार रहेगी.
यह दुबई नगर पालिका की उन कोशिशों का हिस्सा है जिसके तहत पार्कों को ऐसी जगहों में बदला जा रहा है, जो आधुनिक लाइफस्टाइल और काम के नए तरीकों में फिट बैठ सकें. इससे न केवल लोगों का काम करने का मन करेगा, बल्कि समाज में मेलजोल भी बढ़ेगा. यह पूरी योजना दुबई के '2040 अर्बन प्लान' और 'D33 इकोनॉमिक एजेंडा' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य शहर को आर्थिक और सामाजिक रूप से दुनिया में सबसे आगे ले जाना है.
यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में तनाव: दुबई के रियल एस्टेट के लिए 'खतरा' या निवेश का 'सुनहरा मौका'
aajtak.in