इसको लेकर सरकार में मंथन का दौर भी शुरू हो चुका है. हालांकि इस प्लान को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है.
बता दें कि साल 2016 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों के एक उच्च-स्तरीय पैनल ने भी 50,000 रुपये से अधिक की निकासी के लिए टैक्स को फिर से लगाने की सिफारिश की थी.
आधार की अनिवार्यता पर विचार
रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 हजार
रुपये से अधिक की रकम जमा करने की स्थिति में पैन कार्ड अनिवार्य है उसी
तरह मोटी रकम की लेनदेन पर आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव
भी विचाराधीन है. माना जा रहा है कि आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने से
व्यक्तिगत और टैली टैक्स रिटर्न को ट्रैक करना आसान होगा.
सरकार के ये कदम कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने और काले धन पर नकेल कसने के लिए उठाए जा सकते हैं. फिलहाल आगामी 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश करेंगी. इस बजट में कैश निकासी को लेकर क्या संकेत दिए जाएंगे, यह देखना अहम होगा.