सुप्रीम कोर्ट ने बीमा पॉलिसी लेने वालों के लिए एक अहम फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि सिर्फ देरी से इंश्योरेंस क्लेम करने के आधार पर बीमा पॉलिसी का क्लेम देने से इनकार नहीं किया जा सकता.
आपको भी ऐसी दिक्कतों से दोचार न होना पड़े, इसके लिए इंश्योरेंस रेग्युलेटरी बॉडी इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) ने कुछ टिप्स दिए हैं. इन टिप्स को अपनाकर आप किसी भी तरह के धोखे से बच सकते हैं. आगे जानिए बीमा पॉलिसी लेते वक्त आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
रजिस्टर्ड इंयश्योरर से ही लें पॉलिसी :
बीमा पॉलिसी हमेशा रजिस्टर्ड इंश्योरर से ही खरीदें. कोई इंश्योरर रजिस्टर्ड है कि नहीं, इसका पता आपको IRDAI की वेबसाइट पर चल जाएगा. यहां आपको इंश्योरर्स की पूरी लिस्ट मिल जाएगी.
फैसला लेने से पहले जान लें सारी बातें :
बीमा पॉलिसी को लेने से पहले उस संबंध में सारी जानकारी पता कर लें. कंपनी के एजेंट की तरफ से आपको जो भी जानकारी दी जा रही है. वह सच हैं या नहीं, इसका पता जरूर लगा लें. उसके बाद ही पॉलिसी लें. इससे आपको पॉलिसी लेने के बाद पछताना नहीं पड़ेगा.
सारी जानकारी खुद भरें और पूरी भरें :
बीमा पॉलिसी के फॉर्म खुद ही भरें और पूरी तरह से भरें. आईआरडीएआई का कहना है कि इसमें आप किसी भी तरह की झूठी जानकारी न डालें. क्योंकि कोई भी झूठी जानकारी क्लेम करने के वक्त आपके लिए दिक्कतें पैदा कर सकती हैं.
कोरे कागज और फॉर्म पर साइन न करें :
कोई बीमा एजेंट अगर आपको ये कहता है कि आप सिर्फ साइन कर दीजिए और सारी डिटेल वह खुद भर लेगा, तो ऐसा कतई न करें. सारी डिटेल्स खुद भरें और कोई भी जगह खाली न छोड़ें. इससे आप किसी भी अनचाही मुसीबत से बच जाएंगे.
पॉलिसी डॉक्युमेंट को परखें :
एक बार आपने बीमा पॉलिसी ले ली. उसके बाद इससे जुड़े जितने भी दस्तावेज आपको मिलें, उन्हें ढंग से परखें. यह जरूर देखें कि पॉलिसी लेने से पहले और डॉक्युमेंट्स में दिए गए नियम व शर्तें समान हैं कि नहीं. यदि नहीं हैं, तो तुरंत इसकी शिकायत इंश्योरेंस कंपनी से करें.
15 दिन के अंदर मिलेगा जवाब :
एक बार आपने सारे फॉर्म भर दिए, तो इंश्योरेंस कंपनी को आपको 15 दिन के भीतर जवाब देना होगा. अगर ऐसा नहीं होता है, तो इंश्योरेंस कंपनी को लिखकर जवाब मांगें.
पॉलिसी बॉन्ड खो जाने पर करें ये :
अगर आपका पॉलिसी बॉन्ड खो जाता है, तो तुरंत इंश्योरेंस कंपनी से डुप्लीकेट बॉन्ड ले लें. यह कॉपी भी आपके ऑर्जिनल पॉलिसी बॉन्ड के समान ही होगा.
बीमा पॉलिसी भी कर सकते हैं रद्द :
अगर आपको बीमा पॉलिसी की किसी भी शर्त से कोई दिक्कत है, तो आप पॉलिसी बॉन्ड मिलने के 15 दिन के भीतर इसे रद्द कर सकते हैं. आप रद्द करने की वजह बताकर पॉलिसी बॉन्ड कंपनी को वापस भेज सकते हैं.
बीमा पॉलिसी से जुड़े अपने अधिकारों और बीमा पॉलिसी लेने से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आप आईआरडीएआई की वेबसाइट पर जा सकते हैं और जानकारी हासिल कर सकते हैं.