भारतीय रेलवे की ओर से एक नई कोशिश की गई है. छोटे शहरों को बड़े नगरों से सीधे जोड़ने के लिए 9 नई ट्रेनें चलाई गई हैं. रेलवे ने इसे 'सेवा सर्विस' ट्रेन नाम दिया है. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 'सेवा सर्विस' ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
रेलमंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि इस ट्रेन को चलाने का मकसद छोटे शहरों से बड़े नगरों तक की यात्रा को सुगम बनाना है. रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें 5 ट्रेनों का परिचालन रोजाना होगा, जबकि बाकी चार ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलेंगी.
दरअसल छोटे शहरों और बड़े नगरों के बीच यात्रा की बेहतर सुविधा प्रदान करने के मकसद से रेल मंत्रालय ने हाल ही में 'सेवा सर्विस' की पहल के तहत 10 ट्रेनों का परिचालन शुरू करने को मंजूरी दी थी.
ट्रेनों का परिचालन शुरू करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में यहां केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, धर्मेद्र प्रधान और रेल राज्यमंत्री सुरेश सी. अंगाडी भी मौजूद थे. इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा, 'भारतीय रेल परिवर्तनकारी कदम उठा रही है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं कि उन्होंने रेलवे पर विशेष ध्यान दिया है और बजट के माध्यम से रेलवे की तरक्की के लिए धन मुहैया करवाया है.'
पीयूष गोयल का कहना है कि लोगों की मांग थी कि छोटे शहरों तक ट्रेन की पहुंच हो, इसलिए हमने सेवा सर्विस ट्रेन शुरू की है. उन्होंने कहा कि बिना कोई खर्च या नये निवेश के रेलवे ने अपने उपलब्ध संसाधनों से इन ट्रेनों का परिचालन शुरू किया है.
इनमें एक ट्रेन वडनगर से मेहसाना तक चलेगी. उन्होंने कहा, 'वडनगर स्टेशन का चाय विक्रेता देश का प्रधानमंत्री बन गया है. वडनगर को मेहसाना रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाली यह ट्रेन मोदीजी के लिए एक उपहार है.'
इसके अलावा, दिल्ली और शामली, भुवनेश्वर और नायागढ़ टाउन, मुरकोंगसेलेक्स और डिब्रूगढ़, कोटा और झालावाड़ सिटी, कोयंबटूर और पलानी के बीच इन ट्रेनों का रोजाना परिचालन होगा.
वहीं, हफ्ते में 6 दिन चलने वाली ट्रेनें वडनगर, मेहसाना, असारया से हिम्मतनगर, करुर से सलेम, यशवंतपुर से तुमकुर और कोयंटूबर से पालाची के बीच चलेंगी.