पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ देश गुस्से से उबल रहा है. पाकिस्तान को सबक सिखाने की लगातार मांग हो रही है. पुलवामा हमले के अगले दिन ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कह दिया था कि CRPF के जवानों पर हमलाकर पाकिस्तान ने बड़ी गलती कर दी है. वहीं एक तरफ पाकिस्तान सबूत मांग रहा है और दूसरी तरफ भारत आतंक परस्त पाकिस्तान को घुटने के बल लाने की रणनीति में जुट गया है. (Photo: PTI)
दरअसल पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव बनाना शुरू कर दिया है. जिससे पाकिस्तान घबरा गया है, लेकिन अभी तो यह केवल शुरुआत है. भारत ने एक तरह से फैसला कर लिया है कि सैन्य कार्रवाई से पहले पाकिस्तान की ऐसी हालत कर दी जाए कि वो गिड़गिड़ाने लगे और आतंकियों पर नकेल कसने के लिए विवश हो जाए. (Photo: Reuters)
इसी कड़ी में भारत ने सबसे पहले पाकिस्तान से मोस्ट फेवरेट नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया, उसके बाद इस्लामाबाद से आने वाली सभी तमाम चीजों पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया है. पाकिस्तान से आने वाली वस्तुओं पर 200 फीसदी आयात शुल्क लगने से पाकिस्तान के निर्यात पर बुरा असर पड़ेगा. आने वाले कुछ दिनों में इसका असर पाकिस्तान की आर्थिक सेहत पर पड़ने वाली है. (Photo: Reuters)
पाकिस्तान की हरकत से भारतीय व्यापारियों में भी रोष है. पुलवामा हमले के बाद कई भारतीय व्यापरियों ने पाकिस्तान से कारोबार करने से इनकार कर दिया है. इस कड़ी में भारतीय सीमेंट व्यापारियों ने पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका दिया है. भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से सीमेंट के आयात पर ब्रेक लगा दिया है. उन्होंने पाकिस्तान से आए सीमेंट के 600-800 कंटेनरों को वापस कर दिया.
एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक फिलहाल यह कंटेनर कराची पोर्ट, कोलंबो और दुबई पोर्ट पर पड़े हैं. एक अनुमान के मुताबिक पाकिस्तान सालाना करीब भारत को 7 से 8 करोड़ डॉलर का सीमेंट बेचता है. व्यापारियों के इस कदम से पाकिस्तान को यह नुकसान उठाना पड़ेगा. मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई से जनवरी तक पाकिस्तान ने भारत को 6.48 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया है.
सीमेंट के बाद टमाटर व्यापारी भी पाकिस्तान को सबसे सिखाने के लिए नुकसान सहने को तैयार हैं. मध्य प्रदेश के झाबुआ में बड़े पैमाने पर टमाटर का पैदावार होता है. अब यहां के किसानों ने तय किया है कि वो पाकिस्तान को टमाटर निर्यात नहीं करेंगे. झाबुआ में करीब 5 हजार किसानों ने पाकिस्तान टमाटर भेजने ने साफ इनकार कर दिया है. किसानों ने मुनाफे से ज्यादा पाकिस्तान को सबक सिखाने की ठानी है.
टमाटर पर रोक का असर अब पाकिस्तान में तेजी से दिखने लगा है. लोग टमाटर की कीमत बढ़ने से बेहाल हो गए हैं. इस्लामाबाद में मौजूद आजतक संवाददाता हमजा अमीर ने बताया कि हफ्तेभर के अंदर टमाटर में करीब 100 रुपये तक का उछाल आया है. पुलवामा हमले से पहले इस्लामाबाद में टमाटर 60 से 70 रुपये किलो बिकता था. हमले के दो दिन बाद 100 से 110 रुपये किलो हो गया और अब 175 रुपये किलो बिक रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी की आशंका है.
टमाटर ही नहीं, लहसुन और अदरक ने भी पाकिस्तानियों को बेहाल कर रखा है. पुलवामा हमले से पहले इस्लामाबाद में लहसुन 110 रुपये किलो आसानी से मिल जा रहा था. लेकिन भारत से सप्लाई रोके जाने के बाद लहसन 155 रुपये किलो तक पहुंच गया है. जबकि अदरक भी पाकिस्तानियों को सबक सिखा रहा है. हमारे संवाददाता हमजा अमीर की मानें तो 100 किलो बिकने वाला अदरक हफ्तेभर में 165 रुपये तक पहुंच गया है, और हर दिन कीमत में बढ़ोतरी हो रही है.
पुलवामा हमले के बाद छुहारे का कारोबार भी प्रभावित हुआ है. अब वाघा बॉर्डर पर छुहारों से लदे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं. कारोबारियों की मानें तो एक ट्रक में करीब 15 लाख रुपये का छुहारे होता है. जिसमें 200 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से 15 लाख रुपये के छुहारे पर करीब 30 लाख रुपये की ड्यूटी लगा दी गई है. पाकिस्तान की कई छुहारा मार्केट में कारोबार बंद हो चुका है.
आंकड़ों के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच सड़क रास्ते से 138 वस्तुओं का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट होता है. जबकि जम्मू-कश्मीर वाघा बॉर्डर से भारत-पाकिस्तान के बीच रोजाना 50-60 ट्रकों के जरिये सामानों का आना-जाना होता है. (Photo: PTI)
मौजूदा समय में भारत-पाकिस्तान के बीच दो अहम ट्रेड रूट हैं, जिसमें मुंबई से कराची समुद्री रास्ते के जरिए और वाघा बॉर्डर से लैंड रूट शामिल है. इसके अलावा, पुंछ में चाकन दा बाघ और उरी में सलामाबाद के जरिए कारोबार किया जाता है. हालांकि ये दोनों रूट जम्मू-कश्मीर और पाक अधिकृत कश्मीर के बीच कारोबार के लिए अहम हैं. खास बात है कि इन सभी रूट के जरिए कारोबार में वृद्धि तब देखने को मिलती है, जब राजनीतिक रिश्ते सामान्य रहते हैं. वहीं किसी बड़ी आतंकी घटना या सीमापार से घुसपैठ की घटनाओं के बीच इस रूट्स से कारोबार को बंद कर दिया जाता है. (Photo: Reuters)
दरअसल भारत पाकिस्तान से कुल 19 प्रमुख उत्पादों का आयात करता है. जिसमें ताजे फल, सीमेंट, बड़े पैमाने पर खनिज एवं अयस्क, तैयार चमड़ा, प्रसंस्कृत खाद्य, अकार्बनिक रसायन, कच्चा कपास, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद, अल्कोहल पेय, मेडिकल उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक और खेल का सामान है. ताजे फल में पाकिस्तान भारत को अमरूद, आम और अनानास भेजता है. पाकिस्तान से आने वाला ड्यूटी फ्री सीमेंट के आयात पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है.
चीनी, चाय से लेकर ये सामान भारत भेजता है पाकिस्तान
वहीं भारत से पाकिस्तान चीनी, चाय, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कच्चा कपास, सूती धागे, टायर, रबड, डाई, रसायन समेत 14 वस्तुएं प्रमुख रूप से भेजा जाता है. 2015-16 में भारत ने करीब 46 लाख डॉलर की चीनी सरहद के उस पार भेजी. टी बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में पाकिस्तान को कुल 1.58 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया, जो पिछले साल से 7.5 फीसदी अधिक है. साल 2017 में पाकिस्तान को कुल 1.54 करोड़ किलोग्राम चाय का निर्यात किया गया था. वहीं बड़े पैमाने पर पाकिस्तान भारत से टमाटर का आयात करता है.
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते गुरुवार (14 फरवरी) को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. (Photo: Reuters)