ईरान-अमेरिका जंग के बीच ट्रंप सरकार कुछ दवा कंपनियों पर टैरिफ लगाने के बारे में सोच रही है. अगर ये कंपनिया ट्रंप सरकार की शर्त नहीं मानती हैं, तो उन्हें 100 फीसदी तक टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है. खासकर उन कंपनियों पर, जो अमेरिका में अपनी दवाएं इम्पोर्ट करती हैं. इसका मतलब है कि भारत से भी अमेरिका भेजे जाने वाले दवाओं पर इसका असर पड़ सकता है.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अगर दवा निर्माता कंपनियां अमेरिका में कम कीमतों की गारंटी देने वाले समझौतों पर नहीं पहुंच पाती हैं, तो ट्रंप प्रशासन गुरुवार को ही उन पर टैरिफ लगाने का ऐलान कर सकता है. ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आयातित ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं पर ये शुल्क 100 प्रतिशत तक लागू हो सकता है. यह पहल व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत की गई जांच के बाद की गई है.
इन कंपनियों ने मानी शर्त
रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि फाइजर और एस्ट्राजेनेका जैसी दवा कंपनियों ने नए TrumpRx.gov प्लेटफॉर्म के माध्यम से तय प्राइस समझौतों और प्रतिबद्धताओं में प्रवेश करके कई सालों के लिए टैरिफ छूट हासिल की है. एली लिली, जॉनसन एंड जॉनसन और मर्क ने जुर्माने से बचने के लिए अपने अमेरिकी परिचालन का विस्तार करने के लिए महत्वपूर्ण निवेश करने का वादा किया है.
रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के साथ कोई समझौता या बातचीत न करने वाली कंपनियों को 100 प्रतिशत शुल्क देना होगा. हालांकि, ये योजनाएं अंतिम नहीं हैं और इनमें बदलाव हो सकता है. कुछ दवाओं और बीमारियों के लिए छूट भी दी जा सकती है.
ट्रंप एक साल से दे रहे धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक साल से अधिक समय से फार्मा सेक्टर पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं, जिसमें 100 से 200 प्रतिशत तक के प्रस्ताव शामिल हैं. इसका उद्देश्य दवा कंपनियों को उत्पादन वापस अमेरिका में लाने के लिए प्रोत्साहित करना और अमेरिकी रोगियों के लिए दवाओं की कीमतें कम करना है.
सु्प्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था टैरिफ
इस उद्योग को 2025 में लगाए गए ग्लोबल टैरिफ से छूट दी गई थी, जिसे बाद में एक दर्जन से ज्यादा कंपनियों के साथ व्यक्तिगत समझौतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ योजना के रद्द करने के बाद एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ लगाने के नए रास्ते खोज रहे हैं.
गौरतलब है कि टैरिफ लगाने की योजना ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ईरान के साथ जंग में फंसा है और किसी भी तरह से निकलने का प्रयास कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी स्पीच में कह दिया है कि वह 2 से 3 हफ्तों में कुछ बड़ा एक्शन लेंगे, जिसे लेकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसके बाद स्थिति थोड़ी सामान्य हो सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क