ये 28 स्टॉक... India-US डील से सबसे ज्‍यादा कराएंगे फायदा, एक्‍सपर्ट्स का बड़ा दावा!

भारत और यूरोपीय यूनियन के बाद अमेरिका से भी डील होने के बाद कुछ शेयरों में शानदार तेजी का अनुमान लगाया है. ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ये शेयर अच्छी तेजी दिखा सकते हैं.

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भारत और अमेरिका के बीच डील. (Photo: Representative/ITG ) भारत और अमेरिका के बीच डील. (Photo: Representative/ITG )

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:49 PM IST

भारत की अमेरिका के साथ डील के बाद अमेरिका ने भी भारत के साथ डील का ऐलान कर दिया है और भारत पर टैरिफ कम करने को कहा है. टैरिफ कम करने के ऐलान के बाद भारत के निर्यात को मजबूती मिलेगी. इस बीच ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा सिक्‍योरिटीज ने कुछ शेयर पिक किए हैं, जो सबसे अधिक प्रोफिटेबल हो सकती हैं. 

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वेंचुरा सिक्योरिटीज के अनुसार , भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से भारतीय निर्यात खासकर टेक्‍सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और भारत-अमेरिका ट्रेड डील ने भारत की संरचना को बदल दिया है. कपड़ा, रसायन और ऑटोमोबाइल सहायक उपकरण जैसे निर्यात पर अत्यधिक निर्भर क्षेत्रों के लिए, ये बदलाव तत्काल लाभ मार्जिन और लॉन्‍गटर्म में बेहतर मौका देते हैं. 

कोटक इंस्‍टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि भारत-अमेरिका व्‍यापार समझौते ने एक पॉजिटिव कदम उठाया है, जिसमें अमेरिका ने भारत के निर्यात पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और 25 प्रतिशत के पेनल्‍टी टैरिफ को समाप्‍त कर दिया है. कंपनी को उम्‍मीद है कि पॉजिटिव सेंटिमेंट और फ्लो के चलते बाजार पॉजिटिव प्रतिक्रिया देंगे और निकट भविष्‍य में भारतीय रुपये में कुछ मजबूती आने की संभावना है. हालांकि अभी पूरी जानकारी का इंतजार है. 

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रिपोर्ट्स में डील को लेकर क्‍या दावा?
वहीं रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि भारत को अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ अवरोधों को हटाना होगा, मौजूदा स्तरों के अलावा अमेरिका से आयात बढ़ाना होगा और रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद करनी होगी. इसमें आगे कहा गया है, भारतीय उत्पादकों के लिए टैरिफ दरें कम हैं. हालांकि ऑटो पार्ट्स, लोहा/इस्पात, प्लास्टिक और रसायन के लिए कुछ जोखिम बने हुए हैं.

वेंचुरा सिक्योरिटीज का कहना है कि अमेरिका और यूरोप से डील के बाद भारतीय एक्‍सपोर्ट को मजबूती मिली है. अधिकांश प्रमुख कंपनियां पहले से ही 75-90% क्षमता उपयोग पर काम कर रही हैं, और व्यापार बाधाओं में कमी के साथ, उद्योग में महत्वपूर्ण 'ब्राउनफील्ड' विस्तार का दौर शुरू होने की संभावना है.  

किन कंपनियों को ज्‍यादा होगा लाभ
वेंचुरा ने कहा कि निर्यात पर निर्भर कंपनियों को टैरिफ में छूट से सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन कंपनियों को जिनकी अमेरिकी बाजार में अच्छी-खासी उपस्थिति है. प्रमुख प्रतिस्पर्धी अभी भी चीन और दक्षिणपूर्व एशिया की अग्रणी कंपनियां हैं, लेकिन नए डील से प्रतिस्पर्धा बदल सकती है. 

वेंचुरा सिक्योरिटीज ने कहा कि गोकलदास एक्सपोर्ट्स, वेलस्पन लिविंग, इंडो काउंट इंडस्ट्रीज, केपीआर मिल्स, ट्राइडेंट, अरविंद, वर्धमान टेक्सटाइल्स, भारत फोर्ज, समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, सोना कॉमस्टार, सुंदरम फाइनेंस, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, जेके टायर्स, अवंती फीड्स, एपेक्स फ्रोजन वाटरबेस, स्काई गोल्ड, वैभव ग्लोबल और गोल्डियम इंटरनेशनल को व्यापार समझौते से ज्‍यादा लाभ होगा. 

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इसके अलावा, आरती इंडस्ट्रीज, विनती ऑर्गेनिक्स, एसआरएफ, नवीन फ्लोरीन, गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, पीआई इंडस्ट्रीज, मिर्जा इंटरनेशनल, मयूर यूनिकोटर्स, सुपरहाउस और भारतीय इंटरनेशनल अन्य प्रमुख लाभार्थी हैं. इन सभी कंपनियों के 90 प्रतिशत तक कर्मचारी अमेरिका या यूरोपीय देशों में काम करते हैं. 

(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार हैं. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने योग्‍य सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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