'मंदिरों, लॉकरों में भरा पड़ा है सोना... उसपर सोचे सरकार ', PM मोदी की अपील पर टाइटन CFO का सुझाव

Titan CFO अशोक सोनथलिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता से की गई एक साल सोना न खरीदने की अपील के पीछे सरकार की चिंता का जिक्र किया है और इसका बड़ा समाधान भी बताया है.

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टाइटन के सीएफ ने सुझाया गोल्ड इंपोर्ट कम करने का उपाय. (Photo: Linkdin/Reuters) टाइटन के सीएफ ने सुझाया गोल्ड इंपोर्ट कम करने का उपाय. (Photo: Linkdin/Reuters)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:09 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 24 घंटे के भीतर ही दो बार देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की. उन्होंने कहा है कि चाहे घर में शादी हो या फिर कोई अन्य इवेंट गोल्डन खरीदें. इसके बाद से ही ज्वेलरी कंपनियों को तगड़ा नुकसान हो रहा है. इनके शेयर भी पीएम के बयान के बाद दो दिन से लगातार क्रैश हो रहे हैं. 

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PM मोदी ने सोने को लेकर ये अपील दरअसल गोल्ड इंपोर्ट कम करने और मिडिल-ईस्ट संकट के बीच विदेशी मुद्रा को बचाने की जरूरत पर जोर देते हुए की है. लेकिन इसका असर गहरा पड़ रहा है. इस बीच टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Titan CFO) सरकार की चिंता का समाधान करने के लिए एक अलग ही उपाय सुझाया है, जिससे Gold Import को कम किया जा सकता है. 

Gold आयात, सरकार की टेंशन 
Titan कंपनी के सीएफओ अशोक सोनथालिया ने इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को बिजनेस टुडे के साथ खास बातचीत की और वेस्ट एशिया संकट के बीच विदेशी मुद्रा सेविंग में मदद के लिए PM मोदी की एक साल तक सोना न खरीदने की अपील पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने सरकार की चिंता का जिक्र करते हुए कहा कि ये सीधे तौर पर सोने के आयात (Gold Import Tension) को लेकर है और हम करीब 48 घंटे पहले की गई प्रधानमंत्री की अपील के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं. उन्होंने सरकार की गोल्ड इंपोर्ट कम करने से जुड़ी चिंता का एक समाधान भी बताया. 

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'इस तरीके से होगी टेंशन खत्म'
Titan CFO ने कहा कि, 'मुझे लगता है कि सरकार की चिंता मुख्य रूप से सोने के आयात को लेकर है और अगर ऐसा है तो न सिर्फ शॉर्ट टर्म, बल्कि मिड और लॉन्ग टर्म के हिसाब से इसका समाधान हो सकता है.' उन्होंने कहा कि भारत में नागरिकों के पास, मंदिरों में और बैंक लॉकरों में बड़ी मात्रा में सोना मौजूद है, इसका पुनरावलोकन (Rotation Of Gold) किया जा सकता है, जिससे हमें वास्तव में सोने के आयात को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है. 

टाटा ग्रुप की टाइटन (Titan) और तनिष्क (Tanishq) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां बहुत ही अच्छे तरीके से एक्सचेंज प्रोग्राम संचालित कर रही हैं. सोनथालिया के मुताबि, 'मुझे लगता है कि यह न सिर्फ अगले 3 से 6 महीनों में इस समस्या से निपटने के लिए, बल्कि भविष्य में भी एक प्रमुख समाधान साबित हो सकता है.'

PM की अपील के असर पर नजर
जब टाइटन सीएफओ से पूछा गया कि क्या टाइटन जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में लाखों लोगों के रोजगार को लेकर सरकार के सामने अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रहा है? तो उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें अभी कुछ हफ्तों तक इंतजार करना होगा और यह देखना होगा कि इसका क्या प्रभाव पड़ता है. हम अगले 7-10 दिनों में इन दोनों बातों पर बहुत फोकस करेंगे. 

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Titan Share का है बुरा हाल
टाइटन ज्वेलरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी है और सोने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद से ही इसका शेयर बुरी तरह क्रैश (Titan Share Crash) हो रहा है.  सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भी दिनभर इस ज्वेलरी शेयर ने रेड जोन में कारोबार किया और अंत में 3.50% फिसलकर 4058.40 रुपये के लेवल पर बंद हुआ. इसका मार्केट कैप भी गिरकर अब 3.60 लाख करोड़ रुपये रह गया है. 

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