ईरान का ऐलान- खुला है होर्मुज, जहाजों को पार करने के लिए सिर्फ एक शर्त

खाड़ी देशों में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और होर्मुज नाकाबंदी के बीच ईरान का बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि कमर्शियल जहाजों के लिए होर्मुज खुला है.

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कर्मशियल जहाजों के लिए खुला है होर्मुज. (Photo: File/ITG) कर्मशियल जहाजों के लिए खुला है होर्मुज. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

ईरान के विदेश मंत्री अब्‍बास अराघची ने कहा है कि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, लेकिन साथ ही एक शर्त है. सभी शिप को हमारी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा. यह बयान ऐसे वक्‍त में आया है, जब ट्रंप चीन दौरे पर हैं और खाड़ी में जियो-पॉलिटिकल तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है. 

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गौर करने वाली बात है कि पिछले कुछ समय से खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं और जहाजों को जब्त किए जाने और ईरानी नौसेना द्वारा निगरानी बढ़ाए जाने की खबरें आ रही थीं. हालांंकि, अब ईरान ने कमर्शियल जहाजों के लिए स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने की जानकारी दी है. 

दुनिया के कुल तेल निर्यात और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का एक बहुत बड़ा हिस्सा होर्मुज के रास्ते से होकर ही गुजरता है. खासकर खाड़ी देश सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक से निकलने वाला कच्चा तेल इसी रास्ते से एशिया और यूरोप तक पहुंचता है. होर्मुज में तनाव की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आई है. 

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, जो कि अधिकतर होर्मुज रास्ते से होकर ही पहुंचता है. कच्चा तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल काफी बढ़ गया है, जिससे इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ रहा है.

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इस बयान का क्‍या है मतलब? 
इस बयान से यह साफ हो चुका है कि ईरान तनाव को कम करने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही वह होर्मुज पर अपना पूरा कंट्रोल रखना चाहता है. ईरान ने अपने बयान में यह भी कहा है कि उसने कमर्शिलय जहाजों के लिए होर्मुज तो खोला हुआ है, लेकिन अमेरिका की नाकेबंदी जारी है. 

वहीं अरघची द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से जहाजरानी कंपनियों और सरकारों के बीच चिंताएं बढ़ने की संभावना है, क्‍योंकि इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब कंपनियों को उस रास्‍ते तेल और गैस लाने के लिए ईरान के परमिशन की जरूरत होगी. समुद्री ऑपरेटरों को कई सवालों का सामना करना पड़ सकता है. 

  • क्या जहाजों को पारगमन से पहले ईरानी मंजूरी की आवश्यकता होगी? 
  • क्‍या नौसैनिक सुरक्षा या मार्ग समन्वय अनिवार्य हो जाएगा 
  • व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के बीच कमर्शियल जहाजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाएगा

अब तेल कंपनियां क्‍या करेंगी? 

  • ईरान के इस बयान के बाद शिप‍िंग और तेल कंपनियां कई चीजों को बारीकी से जानने का प्रयास करेंगी. 
  • क्या ईरान नए नौवहन प्रोटोकॉल लागू करेगा? 
  • नौसैनिक सुरक्षाकर्मियों की संख्या में संभावित वृद्धि 
  • अमेरिका और खाड़ी देशों के बयान  
  • खाड़ी की ओर जाने वाले जहाजों के लिए बीमा प्रीमियम 
  • तेल और एलएनजी के प्रवाह में किसी भी प्रकार की रुकावट 
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