अभी तक सिर्फ FII... अब ये लोग भी निकालने लगे पैसा, शेयर बाजार में नया डर!

शेयर बाजार में अभी तक विदेशी निवेशकों ने ही बिकवाली की है. वित्त वर्ष 2025 में 1.6 लाख करोड़ की निकासी हुई थी, जबकि वित्त वर्ष 2026 में इससे भी ज्‍यादा 1.8 लाख करोड़ की निकासी हुई. अब रिटेल निवेशक भी पैसे निकालना शुरू कर चुके हैं...

Advertisement
रिटेल निवेशकों ने भी शुरू कर दी मुनाफावसूली. (Photo: Getty) रिटेल निवेशकों ने भी शुरू कर दी मुनाफावसूली. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST

भारतीय शेयर बाजार में फिर से बिकवाली हावी होते हुए दिख रही है, क्‍योंकि पिछले दो दिनों के दौरान सेंसेक्‍स और निफ्टी में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है. इस गिरावट की बड़ी वजह स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान-अमेरिका के बीच बना हुआ तनाव है. 

दोनों ही देशों ने इस रास्‍ते को रोक रखा है और किसी भी जहाज को वहां से गुजरने की अुमति नहीं है. इसी कारण, कच्‍चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. तेल की कीमतें बढ़ने से मार्केट में बिकवाली आई है. हालांकि, इस बीच एक और डर शेयर बाजार में घूम रहा है, जिसकी ओर ज्‍यादातर लोगों का ध्‍यान नहीं गया है. 

Advertisement

अभी तक सिर्फ विदेशी संस्‍थागत निवेशक (FII) ही भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली कर रहे थे, लेकिन अब रिटेल निवेशकों ने भी पैसा निकालना शुरू कर दिया है. यह एक नया डर है, क्‍योंकि 6 साल तक बाजार को संभालने वाले रिटेल अब नेट सेलर बन गए हैं. 

वित्त वर्ष 2026 में रिटेल की 5,803 करोड़ रुपये की बिकवाली की गई है. वहीं, वित्त वर्ष 2025 में रिटेल निवेशकों ने 1.25 लाख करोड़ रुपये की खरीदारी की थी. मार्केट के जानकारों का मानना है कि हाई वैल्‍यूवेशन, जियोपॉलिटिकल टेंशन और मार्केट उतार-चढ़ाव के कारण रिटेल निवेशक बाजार से दूरी बना रहे हैं. 

क्‍या होगा मार्केट पर असर? 
मार्केट एक्‍सपर्ट्स की माने तो विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली लगातार जारी है और अब रिटेल निवेशक भी भारतीय बजाार में शेयर बेच रहे हैं. अगर घरेलू संस्‍थागत निवेशक (DII) भी शेयर बेचने लगे तो मार्केट में मुनाफावसूली पूरी तरह से हावी हो जाएगी और बाजार में और गिरावट आ सकती है. जानकारों का कहना है कि भारतीय बाजार अभी स्थिर बना हुआ है, जो तेल की कीमतों पर निर्भर कर रहा है. अगर तेल की कीमतें नीचे आती हैं तो निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ जाएगा. 

Advertisement

रिटेल निवेशकों का बदला मिजाज 
हर महीने जुड़ने वाले नए निवेशकों के आंकड़ों को देखें तो वित्त वर्ष 2025 में हर महीनें औसतन 17.5 लाख नए निवेशक आए. जबकि वित्त वर्ष 2026 में हर महीने जुड़ने वाले नए निवेशकों की संख्‍या में गिरावट देख गई, जो 13.5 लाख पर आ गई. कुल NSE निवेशकों की संख्‍या वित्त वर्ष 2025 में 11.3 करोड़ थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 12.9 करोड़ पर आ गई. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement