'उम्मीद है ऐसा नहीं होगा...', India-US ट्रेड डील पर रूसी मंत्री का बड़ा बयान, ट्रंप पर साधा निशाना

India-US Trade Deal फाइनल होने के बाद रूस के मंत्री ने इस समझौते से भारत-रूस के संबंधों पर असर न पड़ने की उम्मीद जताई है. इसके साथ ही Donald Trump पर भी निशाना साधा है.

Advertisement
भारत-रूस संबंधों पर बोले रूसी उप-विदेश मंत्री. (File Photo: PTI) भारत-रूस संबंधों पर बोले रूसी उप-विदेश मंत्री. (File Photo: PTI)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) हो गई है और अमेरिकी राष्ट्रपति ने एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन भी कर दिए हैं और इसका फ्रेमवर्क और डील की फैक्टशीट भी जारी हो चुकी है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से डील से जुड़े अपने ऐलान में रूस पर फोकस बनाए रखा था और उनका प्रशासन लगातार भारत के रूसी तेल की खरीद कम करने से जुड़े बयान दे रहे हैं. इस बीच रूस के उप-विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव (Russian Minister Sergei Ryabkov) ने बड़ी बात कही है कि इस डील से India-Russia के संबंधों पर बुरा असर नहीं होगा. 

Advertisement

'अमेरिका सब अपने लिए चाहता है...' 
India-US Trade Deal डन होने की खबर के बाद रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने कहा है कि भारत में सभी के लिए जगह और क्षमताएं मौजूद हैं, जबकि अमेरिका सब कुछ अपने लिए चाहता है. उन्होंने कहा कि टैरिफ (US Tariff) का उद्देश्य सिर्फ अपनी शक्ति दिखाते हुए वर्चस्व स्थापित करना है और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में रूसी मंत्री ने उम्मीद जताते हुए ये बड़ी बात कही है.  

भारत-रूस में बड़ा व्यापार
रियाबकोव ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस भारत-अमेरिका समझौते का परिणाम यह बिल्कुल नहीं होगा कि India-Russia द्विपक्षीय संबंधों में कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़े. दोनों देशों की व्यापारिक रिश्तों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे बीच व्यापार की मात्रा काफी अधिक है, लेकिन इसकी क्षमता और भी ज्यादा है. इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि भारत में सभी के लिए जगह होनी चाहिए.

Advertisement

रूसी मंत्री बोले- 'US की नीति ही गलत'
ब्रिक्स शेरपाओं की पहली बैठक के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी उप-विदेश मंत्री रियाबकोव ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'मौजूदा अमेरिकी नीति में बड़ी समस्या यह है कि वे सब कुछ अपने लिए चाहते हैं और दूसरों के लिए कुछ भी नहीं, जो एकतरफा दृष्टिकोण का सबसे बुरा उदाहरण है.' US के सभी तरह के टैरिफ और दमनकारी उपाय से संबंधित हैं, जबकि  सहयोग और पारस्परिक लाभ ही समृद्धि के मार्ग हैं. रूसी मंत्री के मुताबिक, देशों को स्वतंत्र होना चाहिए.

Trump पर ऐसे साधा निशाना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा ब्रिक्स समूह को पश्चिम-विरोधी बताने के बयान पर निशाना साधते हुए रियाबकोव ने कहा कि किसी को भी इस गठबंधन को तोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. BRICS कभी भी पश्चिमी विरोधी संगठन नहीं रहा है और न ही समूह के भीतर ऐसा बनने का कोई इरादा रहा है. हम वही करते हैं जो हमें अपने लिए आवश्यक लगता है. हमारा उद्देश्य मौजूदा बाधाओं को दूर करना है, हमें सभी सेक्टर्स में ऐसा करना चाहिए, जिससे आयात-निर्यात (Export-Import) और निवेश का बेरोकटोक फ्लो सुनिश्चित हो सके.

---- समाप्त ----

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement