मिडिल ईस्ट में जंग ने दुनिया भर में एनर्जी संकट पैदा कर दी है. कई देशों में महंगाई चरम पर पहुंच गई है. खुद ईरान में लाखों लोगों की नौकरी जा चुकी है और उसकी अर्थव्यवस्था तेजी से गिर रही है. इस बीच, एक और देश भी काफी संकट से गुजर रहा है, जिसका नाम पाकिस्तान है. अब उसके पेट्रोलियम मंत्री अली मलिक ने खुद ही अपने देश की चरमराई व्यवस्था की पोल खोल दी है.
पाकिस्तानी मंत्री अली मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान के पास एक दिन के लिए भी रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं है. PAK की एक टीवी के साथ इंटरव्यू में पाकिस्तानी मंत्री ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि देश के पास सिर्फ 5 से 7 दिनों के कमर्शियल कच्चे तेल का भंडार है.
भारत एक इशारे पर तेल पा सकता है
विस्तार से इसपर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि हमारे पास कोई रणनीतिक तेल भंडार नहीं है... हमारे पास केवल कमर्शियल भंडार हैं. हमारे पास पांच से सात दिनों के लिए पर्याप्त कच्चा तेल है और ओएमसी के पास मौजूद रिफाइन उत्पाद केवल 20-21 दिनों तक चल सकता है. हम भारत की तरह नहीं हैं, जिसके पास 60-70 दिनों का भंडार है और वह सिर्फ एक साइन से कहीं से भी तेल हासिल कर सकता है.
मलिक ने कहा कि पाकिस्तान ने इस टॉपिक पर रिसर्च किया है और एक स्वतंत्र सलाहकार ने इस बारे में डिटेल रिपोर्ट दी है कि पाकिस्तान अपने रणनीतिक भंडारों का उपयोग कैसे कर सकता है? मंत्री ने कहा कि इन तेल भंडारों को चालू करने में आने वाली भारी लागत के कारण अभी तक रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है. यह लागत करोड़ों डॉलर तक पहुंच सकती है.
पाकिस्तान को तेल लाना पड़ रहा महंगा
मंत्री ने कहा कि दुबई में कच्चे तेल की कीमतें कभी भी 170 डॉलर तक नहीं पहुंची हैं, जो वैश्विक बाजारों में ज्यादा अस्थिरता को दिखाता है. उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ सरकार जनता की परेशानियों को कम करने का प्रयास कर रही है और जहां संभव हो वहां सब्सिडी देने की कोशिश कर रही है.
भारत के पास पेट्रोलियम भंडार
गौरतलब है कि भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (एसपीआर) की कुल क्षमता 53 लाख मीट्रिक टन (MMT) है, जो लगभग 3692 लाख बैरल के बराबर है. इसके विपरीत, पाकिस्तान के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार नहीं हैं और उसके पास सीमित वाणिज्यिक भंडार ही हैं. इस्लामाबाद ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जोखिमों के मद्देनजर 90 दिनों तक के भंडार की योजना का ऐलान किया है.
आजतक बिजनेस डेस्क