अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ (Donald Trump Tariff) को गैरकानूनी करार देने और फिर अचानक ट्रंप की ओर से दुनिया के सभी देशों पर पहले 10% और फिर बढ़ाकर 15% टैरिफ लगाया गया है. इस टैरिफ के भारत पर असर के बारे में सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका में मचे टैरिफ घमासान का क्या असर होगा? खासतौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को लेकर फिलहाल कोई भी कमेंट करना जल्दबाजी होगा.
India-US ट्रेड डील सही रास्ते पर
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर भी वित्त मंत्री ने अपडेट दिया है. उन्होंने कहा है कि अनिश्चितताएं हमेशा से रही हैं, वे आती-जाती रह सकती हैं. भारत अमेरिका के साथ डील करने के साफ रास्ते पर है. उन्होंने कहा कि हमने कई डील की हैं, UK और EU इसके ताजा उदाहरण हैं. हम चाहते हैं कि इंडियन इकोनॉमी आगे बढ़े और भारतीय प्रोडक्ट्स ग्लोबल मार्केट तक पहुंचें. वित्त मंत्री ने आगे कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री हालात का जायजा ले रही है और डेलीगेशन को अब यह देखना होगा कि वो अमेरिका कब जाएगा. बता दें कि US में टैरिफ की टेंशन के बीच रविवार को खबर आई थी कि 23 फरवरी से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैठक को रीशेड्यूल किया गया है.
बैंकिंग सिस्टम बेहतर कर रहा
आरबीआई बोर्ड के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री ने बैंकिंग सिस्टम पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बैंकों को अपने कस्टमर और उनकी जरूरतों पर ध्यान देने की जरूरत है. बैंक हर जगह फैले हैं, डिपॉजिट जुटाते हैं और लोन देते हैं, यही कोर बैंकिंग होती है. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले बैंक एक ऐसे पॉइंट पर थे जहां उन्हें लोन देते रहना था, बैंक लोन देते समय चेक भी नहीं करते थे. फोन कॉल पर लोन देने का चलन भी तेज हो गया था.
मैंने अपने पास आने वाले हर बैंक से कहा था मैं आपकी जरूरतों के लिए पैसे नहीं दूंगी,आप मार्केट में वापस जाएं और Loan लें, खुद को एक बेहतर बैंक बनाएं. उनसे कहा कि अपना करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट सुधारें. FM निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार के सख्ती करने के बाद बैंक अब बहुत बेहतर कर रहे हैं. भारतीय Banks के पास बहुत कैपिटल है और कैपिटल नहीं आता है, तब भी 10-11% ग्रोथ रेट है.
मिस-सेलिंग पर बोलीं वित्त मंत्री
बैंकिंग सिस्टम पर बात करते हुए उन्होंने Mis-Selling को लेकर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि नागरिकों को परेशानी हुई, क्योंकि बैंक इंश्योरेंस (Insurance) के पीछे पड़ गए था, वे वहां भी इंश्योरेंस बेच रहे थे, जहां इसकी जरूरत नहीं थी. वित्त मंत्री ने बैंकों को मैसेज देते हुए कहा कि, 'आप गलत तरीके से बेचने का जोखिम नहीं उठा सकते.'
तो FDI में आएगा तगड़ा उछाल
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सभी फंडामेंटल ठीक हैं. हमारी सरकार स्टेबल है, टैक्सेशन क्लियर है. फंड फ्लो होना चाहिए, क्योंकि सभी पैरामीटर ठीक हैं और पूरे हो रहे हैं. इस दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने AI Summit का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के लिए अरबों डॉलर दिए जा रहे हैं और अगर इसका एक हिस्सा भी आता है, तो हम FDI को बढ़ते हुए देखेंगे. गवर्नर के मुताबिक, ग्रॉस FDI बहुत मज़बूत है और हमारे पास अभी काफी रिज़र्व है. हालांकि, रुपये के लेवल पर RBI गवर्नर ने कोई कमेंट नहीं किया.
ऐश्वर्या पालीवाल