इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नया प्लान पेश किया है. उन्होंने कहा कि ईरान के बाद तेल और गैस का फ्लो इजरायल से होकर जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने अरब प्रायद्वीप के पार इजरायली पोर्ट तक पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव रखा है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अन्य खाड़ी जलमार्ग में चोक पॉइंट के खतरों को खत्म कर देगा और नया ग्लोबल सप्लाई चेन बना सकता है.
नेतन्याहू ने दुनिया के सामने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इसके लिए अरब प्रायद्वीप से पश्चिम की ओर इजराइल तक और फिर भूमध्यसागरीय बंदरगाहों तक, तेल और गैस की पाइपलाइन बिछानी होगी. इसके बाद हमेशा के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अन्य खाड़ी जलमार्ग के चोक पॉइंट की टेंशन खत्म हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण बदलाव वॉर खत्म होने के बाद शुरू किया जा सकता है. नेतन्याहू का यह बयान, इजरायल द्वारा ईरान के मुख्य गैस क्षेत्र पर हमले के एक दिन बाद आया है, जिसने मिडिल ईस्ट में टेंशन और पैदा कर दी है. ईरान और इजरायल के बीच इस बात को लेकर भी संघर्ष तेज हो सकता है.
ट्रंप पर दबाव
साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इस हमले में इजरायल अकेला था. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से भविष्य में ऐसे हमले न करने का अनुरोध किया था. ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ट्रंप पर राजनीतिक दबाव बना हुआ है और उन्होंने उन सहयोगी देशों की आलोचना की है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहे हैं.
ईरान के पास परमाणु बनाने की क्षमता नहीं
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि होर्मुज के लिए वैकल्पिक रास्ते की आवश्यकता है, ताकि अगर होर्मुज वाला रास्ता बंद रहता है तो इज़राइल को लाभ भी मिल सके और ग्लोबल सप्लाई चेन जारी रहे. नेतन्याहू ने यह भी कहा कि 20 दिनों के युद्ध के बाद ईरान के पास यूरेनियम रखने या मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं है. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा कि ईरान की परमाणु क्षमता का अधिकांश हिस्सा अभी भी बरकरार है.
ईरान में जमीनी कार्रवाई की संभावना के बारे में नेतन्याहू ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि ईरानी अपनी सरकार के खिलाफ विद्रोह करेंगे या नहीं. उन्होंने संकेत दिया कि शासन को उखाड़ फेंकने के लिए हवाई हमलों से कहीं अधिक की आवश्यकता होगी और जमीनी कार्रवाई की संभावना की ओर इशारा किया, हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी.
गैस और तेल कीमतों में इजाफा
गौरतलब है कि इजरायल ने एक दिन पहले ईरान के गैस क्षेत्र पर हमला करके तबाही मचाई थी, जिस कारण गैस और तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिली है. ब्रेंट क्रूड ऑयल 119 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया था, जबकि एलएनजी की कीमत 3.25 डॉलर के ऊपर थी.
आजतक बिजनेस डेस्क