रिपोर्ट से हड़कंप, देश में LPG की हर दिन 4 लाख बैरल की सप्लाई कम

एलपीजी की आपूर्ति में भारत को बड़ी कमी का सामना करना पड़ रहा है. हर दिन भारत को एलपीजी की आपूर्ति में 4 लाख बैरल की कमी हो रही है.

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भारत के एलपीजी की सप्‍लाई में कमी. (Photo: File/ITG) भारत के एलपीजी की सप्‍लाई में कमी. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:53 PM IST

वेस्‍ट एशिया में तनाव और होर्मुज का रास्‍ता बंद होने के कारण दुनियाभर में एनर्जी संकट बना हुआ है. कई देशों में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो वहीं भारत में भी एनर्जी कीमतों में इजाफा हुआ है. हफ्तेभर में ही पेट्रोल-डीजल के दाम दो बार बढ़ाए गए हैं. साथ ही एलपीजी की कीमतें भी बढ़ी हैं. 

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अब एक रिपोट में दावा किया गया है कि LPG का तीसरा सबसे बड़ा कंज्‍यूमर भारत, हरदिन 4 लाख बैरल की आपूर्ति कमी का सामना कर रहा है. निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिसमें आंकड़ों के लिए केप्लर का हवाला दिया गया है, अप्रैल में भारत का एलपीजी आयात 377,620 बैरल प्रति दिन रहा, जो फरवरी में आयात किए जा रहे 851,870 बैरल प्रति दिन से काफी कम है. तब होर्मुज पूरी तरह से चालू था. 

LPG सरेंडर करने के लिए 3 महीने का वक्‍त
हालांकि, जंग के बाद स्थिति बिगड़ी है. इस संकट के बीच, सरकार आपूर्ति संकट को कम करने के लिए उपाय कर रही है. उसने पाइपलाइन से PNG कनेक्शन वाले परिवारों से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने को कहा है. सरकार ने ऐसे परिवारों को एलपीजी कनेक्शन बंद करने के लिए तीन महीने का समय दिया है. इसके लिए सरकार ने 'एक परिवार, एक कनेक्शन' का नियम लागू किया है, जिसके तहत एक ही परिवार के पास पीएनजी और सब्सिडी वाली घरेलू एलपीजी दोनों का होना अवैध है. 

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मार्च में इतने बढ़े थे एलपीजी के दाम
सरकार ने मार्च की शुरुआत में 14.2 किलोग्राम के रेगुलर एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी भी की थी. 11 मई को देश के पास  45 दिनों का रोलिंग स्टॉक था, साथ ही कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का 60-60 दिनों का स्टॉक भी था. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने LPG की खरीद में विविधता लाने की भी कोशिश की है और ईरान, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और चिली से एलपीजी खरीदी है, जिन्होंने अप्रैल में प्रतिदिन 43,000 बैरल एलपीजी की आपूर्ति की, जो फरवरी में शून्य थी. यह आंकड़ा मिडिल ईस्‍ट के चार आपूर्तिकर्ताओं द्वारा हरदिन भेजे जाने वाले 678,000 बैरल की तुलना में काफी कम है, और दूरी भी एक महत्वपूर्ण कारक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया से भारत को आपूर्ति पहुंचने में लगभग 20 दिन लगते हैं, जबकि अर्जेंटीना और संयुक्त राज्य अमेरिका से निर्यात को 35-45 दिन लग सकते हैं. अप्रैल में भारत को यहां से हरदिन 149,000 बैरल का गैस आया था. 

मिडिल ईस्‍ट से 80 फीसदी गैस का आयात 
गौरतलब है कि भारत एलपीजी का कोई लॉन्‍गटर्म स्‍टोरेज नहीं रखता है और अपनी कुल LPG जरूरतों का लगभग दो-तिहाई आयात करता है. संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत और सऊदी अरब भारत के LPG आयात का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पेश करते हैं. हालांकि, अब भारत कई जगहों से तेल-गैस का अयात कर रहा है, लेकिन अभी भी जरूरतें पूरी नहीं हो पाईं हैं. ऐसे में घरेलू स्‍तर पर ही LPG का उत्‍पादन बढ़ाया गया है. साथ ही कई नियमों में भी सख्‍ती की गई है, ताकि गैस की आपूर्ति पूरी होती रहे. 

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