कच्चे तेल को लेकर दुनिया टेंशन में है, कई देशों से पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर खबरें आने लगी हैं. इस बीच भारत के लिए अच्छी खबर है, मिडिल-ईस्ट से करीब 81000 टन कच्चा तेल लेकर टैंकर मंगलवार को भारत पहुंचने वाला है.
दरअसल, अच्छी खबर ये है कि कच्चे तेल की ये खेप तनावग्रस्त रूट Strait of Hormuz को पार करके भारत पहुंचने वाली है. इस टैंकर में करीब 81000 टन कच्चा तेल है और टैंकर के ऊपर भारतीय ध्वज तिरंगा लगा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक ये जहाज स्टेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित पार कर चुका है.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक 'Jag Laadki' नाम का यह टैंकर UAE से 14 मार्च को रवाना हुआ था और इसमें Murban क्रूड ऑयल लदा हुआ है. यह जहाज सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है और मंगलवार को गुजरात के Mundra Port पर पहुंचने की उम्मीद है. जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
वहीं शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि जहाज और उस पर मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारत सरकार की Strait of Hormuz से गुजर रहे जहाजों की आवाजाही पर नजरें बनी हुई है. क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है.
Strait of Hormuz क्यों अहम?
बता दें, Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है. वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित करता है.
भारत के लिए यह रास्ता और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित तेल पर निर्भर करता है. पश्चिम एशिया से आने वाला कच्चा तेल अक्सर इसी रास्ते से भारत पहुंचता है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है, उसमें से सबसे ज्यादा मिडिल-ईस्ट आता है.
कई भारतीय जहाज अभी भी फंसे
रिपोर्ट्स के मुताबिक मिडिल-ईस्ट और भारत के बीच समुद्री रास्ते में अभी भी कई भारतीय जहाज मौजूद हैं, और सरकार उनकी सुरक्षित आवाजाही के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है. कुछ जहाजों को चरणबद्ध तरीके से निकलने की अनुमति भी मिल रही है.
फिलहाल भारत के पास कच्चे तेल का पूरा स्टॉक
81 हजार टन कच्चा तेल लेकर आ रहा यह टैंकर भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल दबाव कम होगा. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं.
81,000 टन का टैंकर करीब 3 घंटे की राष्ट्रीय खपत के बराबर है. भारत की तेल मांग लगभग 5.5–6 मिलियन बैरल प्रति दिन के आसपास है, यानी खपत रोजाना करीब 8,00,000 टन है.
आजतक बिजनेस डेस्क