शेयर बाजार (Stock Market) में उथल-पुथल मची हुई है, सेंसेक्स-निफ्टी संभल नहीं पा रहे हैं. सोमवार को आई बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भी Indian Stock Market के लिए विदेशों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं. गिफ्ट निफ्टी ओपनिंग के साथ ही रेड जोन (Gift Nifty In Red) में कारोबार कर रहा है. इस बीच एक कंपनी का शेयर आज फोकस में रहने वाला है और इसमें खासा उतार-चढ़ाव दिख सकता है.
हम बात कर रहे हैं, Groww Stock की यानी Billionbrains Garage Ventures Ltd के स्टॉक की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके शेयरों में बड़ी ब्लॉक डील हो सकती है और इसके तहत 4,750 करोड़ रुपये के शेयरों का लेन-देन संभव है.
177 रुपये के भाव पर होगा सौदा
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पीक एक्सवी, सिकोइया, वाई कॉम्बिनेटर और रिबिट के अलावा जीडब्ल्यू-ई रिबिट ने ब्लॉक डील शुरू की है. इसमें शेयर बेचने वाले स्टेकहोल्डर करीब 177 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 4,750.68 करोड़ रुपये मूल्य के 26.84 करोड़ शेयर बेच सकते हैं. Groww के बेचे जा रहे शेयर कुल बकाया इक्विटी का 4.3 फीसदी होंगे. ये ब्लॉक डील एनएसई के सोमवार के बंद भाव 193.52 रुपये से 8.5 फीसदी की छूट पर की जाएगी. इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल बकाया इक्विटी के करीब 68 फीसदी शेयर मंगलवार को ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे.
डील का आज दिखेगा असर!
लॉक-इन अवधि खत्म होने पर अक्सर बाजार में शुरुआती निवेशकों द्वारा संभावित बिकवाली के दबाव को लेकर चिंता पैदा करती है और इसका शेयर की कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है. ग्रो शेयर प्राइस के बारे में बात करें, तो बीते कारोबारी दिन सोमवार को ये बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ था. 201.97 रुपये पर ओपन होने के बाद ये मार्केट क्लोज होने पर 194.50 रुपये पर क्लोज हुआ था.
इसका मार्केट कैप भी फिसलकर 1.20 लाख करोड़ रुपये रह गया. बीते छह महीने की परफॉर्मेंस पर नजर डालें, तो इस शेयर में पैसे लगाने वालों को 48.10 फीसदी का रिटर्न मिला है और हर एक शेयर की कीमत में 63 रुपये का उछाल आया है.
जोरदार तिमाही नतीजे, ये टागरेट
हाल ही में कंपनी ने अपने मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था और इसके मुनाफे में दोगुना बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. इसके बाद तमाम ब्रोकरेज हाउसों ने इसके शेयर का नया टारगेट प्राइस दिया था. मोतीलाल ओसवाल यानी MOFSL ने शेयर के लिए 235 रुपये का टागरेट प्राइस सेट किया, तो वहीं Citi, UBS और Jefferies जैसी विदेशी ब्रोकरेज फर्मों ने 210-225 रुपये के बीच टारगेट दिया.
Nuvama के मुताबिक, 4 मई से 28 अगस्त के बीच कुल 83 कंपनियों के शेयरधारकों द्वारा लगाए गए प्री-लिस्टिंग लॉक-इन को हटाया जाना था, जिनकी कीमत 55 अरब डॉलर थी. यह मूल्य लॉक-अप के तहत आने वाले कुल शेयरों की संख्या से जुड़ा है. हालांकि, नुवामा ने यह भी बताया कि सभी शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि इन शेयरों का एक बड़ा हिस्सा प्रमोटर और ग्रुप के पास भी है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क