अमेरिका-ईरान में तनाव जारी है. दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने वाला महत्वपूर्ण समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट बंद है और कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है. इस बीच कुछ रिपोर्ट्स में आशंका जाहिर की जा रही थी भारत में जारी राज्य चुनावों के बाद Petrol-Diesel Price Hike देखने को मिल सकता है. लेकिन सरकारी अधिकारियों को कहना है कि सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में इजाफे से जुड़ी इस तरह की अटकलों को खारिज करते हुए मंगलवार को एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि सरकार का पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को वोटिंग खत्म होने के बाद Petrol-Diesel की कीमतों में बढ़ोतरी का कोई प्लान नहीं है.
क्यों अटकलें हुईं तेज?
रिपोर्ट की मानें तो वेस्ट एशिया में संघर्ष की वजह से पिछले दो महीनों में कच्चे तेल की कीमतें 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई हैं. इनपुट कॉस्ट और पेट्रोलपंप की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर की वजह से सरकारी फ्यूल रिटेलर्स को भारी नुकसान हो रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में जाहिर किए गए अनुमानों को देखें, तो रोजाना का नुकसान करीब 2,400 करोड़ रुपये है.
रोज हो रहे इस नुकसान की खबरों के बीच तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के बाद कीमतों में बढ़ोतरी की किए जाने की आशंका से जुड़ी अटकलें तेज हो गईं.
बीते दिनों आई रिपोर्ट्स में एनालिस्ट्स संभावना जताते हुए नजर आए थे कि दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और इंटरनेशनल और घरेलू फ्यूल की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर के कारण कीमतों में पेट्रोल-डीजल प्राइस में 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है. जिन्हें सरकारी अधिकारियों ने खारिज किया है.
सरकार बोली- 'न करें पैनिंक बायिंग'
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री में ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने भी वेस्ट एशिया में हुए घटनाक्रमों पर एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है. वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या बुधवार को पश्चिम बंगाल में वोटिंग खत्म होने के बाद रिटेल फ्यूल की कीमतें बढ़ाई जाएंगी? उन्होंने आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के कुछ हिस्सों में पैनिक बाइंग (Petrol-Diesel Panic Buying) शुरू होने खबरों के बीच इस तरह की अटकलों को सिरे से खारिज किया.
हालांकि, सुजाता शर्मा ने कहा कि हमने कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर पैनिक बाइंग देखी है. हम इन सभी जगहों पर राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं. सभी रिटेल आउटलेट्स पर नजर रखी जा रही है और सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि स्टॉक की उपलब्धता बनी रहे और स्टॉक खत्म न हो.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में फ्यूल प्राइस बढ़ने की अफवाहों के चलते कई शहरों में पैनिक बाइंग की खबरों आईं, जिससे पेट्रोल-डीजल की कमी हो गई, और रविवार को 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप खाली हो गए. पेट्रोलियम मिनिस्ट्री का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर डिमांड में 30-33 फीसदी तक उछाल देखने को मिला.
सुजाता शर्मा ने लोगों से इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा है कि, 'हमारे पास LPG, पेट्रोल और डीजल की काफी सप्लाई है. Petrol-Diesel Price स्थिर हैं और इनमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. ऐसे में किसी भी घबराहट में खरीदारी करने से बचें और जानकारी के लिए सिर्फ ऑफिशियल सोर्स पर भरोसा करें.
4 साल से स्थिर हैं देश में दाम
दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 के बाद से करीब 4 साल से स्थिर हैं. पिछले साल क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी, जो इस महीने 114 डॉलर को पार कर गई थी. इसके बाद भी दिल्ली में अभी पेट्रोल की कीमत (Delhi Petrol Price) 94.77 रुपये प्रति लीटर है और डीजल की कीमत (Delhi Diesel Price) 87.67 रुपये है.
आजतक बिजनेस डेस्क