Gold Rate Trump Connection: ट्रंप, टैरिफ और टेंशन... सोने की तेजी के पीछे ये असली अमेरिकी खेल!

Gold Rate थमने का नाम नहीं ले रहा है और हर रोज रिकॉर्ड तोड़ता दिख रहा है. मंगलवार को ये तेज रफ्तार से भागते हुए एमसीएक्स पर पहली बार 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार कर गया. इस तेजी के पीछे Donald Trump का बड़ा रोल देखने को मिला है.

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तूफानी रफ्तार से भागते हुए नए रिकॉर्ड बना रहा सोना (Photo: ITG) तूफानी रफ्तार से भागते हुए नए रिकॉर्ड बना रहा सोना (Photo: ITG)

दीपक चतुर्वेदी

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:55 PM IST

सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में उछाल जारी है. इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, लेकिन क्या आप इसका ट्रंप कनेक्शन जानते हैं? जी हां, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका तो नहीं, लेकिन निश्चित रूप से Gold को जरूर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए नजर आए हैं और ये लगातार मजबूत होता जा रहा है. आमतौर पर जैसे-जैसे अनिश्चितता बढ़ती है, कीमती धातुओं खासतौर पर Gold-Silver के भाव बढ़ने लगते हैं और अपनी दूसरी पारी में ट्रंप के तमाम फैसले ग्लोबल टेंशन को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं. 

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डेढ़ लाख रुपये के पार 10 ग्राम Gold
सोना लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है, मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर ये फिर से लंबी छलांग लगाकर नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर जा पहुंचा. 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने की कीमत खुलने के बाद अचानक 1,52,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई. बीते साल 2025 में जहां सोना गदर मचाते हुए नजर आया था, तो 2026 की शुरुआत में थोड़ा थमने के बाद इसने फिर अपना दम दिखाना शुरू कर दिया था और ये सिलसिला लगातार जारी है. 

ट्रंप, ग्लोबल टेंशन और सोना 
सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश के ठिकाने के तौर पर जाना जाता है. जब भी ग्लोबल टेंशन बढ़ती है और बाजारों में भगदड़ देखने को मिलती है, लोग सोने चांदी में निवेश को तरजीह देते हैं. मतलब यह कोई शांत सुरक्षित निवेश नहीं है, बल्कि राजनीतिक तनाव, टैरिफ धमकियों और ग्लोबल बाजारों में अशांति से जुड़ी हुई है. डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ वॉर भी इसी दुनिया की टेंशन को बढ़ाने वाला साबित हुआ है, जिसके चलते सोना-चांदी की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. 

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सोने के भाव में तेजी के ट्रंप कनेक्शन को इस तरह से भी समझा जा सकता है, कि इस समय इसके लिए आमतौर पर देखे जाने वाले कारक मौजूद नहीं हैं. मतलब वैश्विक मंदी (Recession) भी नहीं है, टॉप इकोनॉमी में महंगाई दर भी स्थिर है या फिर कम ही हो रही है. फिर भी सोना-चांदी आसमान छू रहे हैं और इनमें अमेरिका से सामने आ रहे घटनाक्रम अहम रोल निभा रहे हैं. 

एक्सपर्ट भी बता रहे यही कारण
एक्सपर्ट्स भी इस तेजी के पीछे ऐसा ही कारण बताते नजर आ रहे हैं. चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी एनालिस्ट आमिर मकदा का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के लगातार बढ़ने के कारण सोने और चांदी की कीमतें हर दिन नए उच्च स्तर पर पहुंच रही हैं. उनका कहना है कि सत्ता में वापसी के बाद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाजारों में राजनीतिक अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू किया है. टैरिफ की धमकी और विदेश नीति में हर बदलाव ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर तेजी निवेशकों को भेजा है. हाल ही में 8 यूरोपीय देशों को दी गई 10% Tariff की उनकी धमकी ने इस पैटर्न को और भी तेज कर दिया है. 

एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष और अनुसंधान विश्लेषक जतीन त्रिवेदी का कहना है कि वैश्विक तनाव और घरेलू मुद्रा की कमजोरी का मिलाजुला असर सोने की कीमतों में बढ़ोतरी को गति देने का काम कर रहा है. डॉलर के मुकाबले रुपया 91 के करीब पहुंच गया. वहीं ट्रंप के यूरोपीय संघ के देशों पर टैरिफ अटैक ने ग्लोबल ट्रेड के लिए अनिश्चितता को और भी बढ़ा दिया है.

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