डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बड़ी चेतावनी दे डाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी समझौता करने के लिए 'भीख मांग रहे हैं' और सिर्फ हमारे प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. उनका कहना है कि ईरान सैन्य तरीके से 'पूरी तरह से खत्म' हो चुका है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर कहा कि ईरान के पास अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं बचा है. उसकी सैन्य ताकत खत्म हो चुकी है और अब वह समझौते के लिए दिए गए प्रस्तावों पर विचार कर रहा है. साथ ही ट्रंप ने ईरान को एक चेतावनी भी दी है.
ट्रंप ने ईरान को तुरंत बातचीत करने के लिए कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि अगर ईरान और देरी करता है, तो 'पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं होगा और परिणाम अच्छे नहीं होंगे.' ट्रंप का यह बयान मौजूदा तनाव के बीच बढ़ते दबाव का संकेत है.
चेतावनी से पहले ट्रंप ने किया था ये दावा
ट्रंप के इस चेतावनी से कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि तेहरान लगभग चार सप्ताह से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर पहुंचना चाहता है, जबकि ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत को खारिज कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन तेहरान के अधिकारी डर के मारे इसे छिपा रहे हैं.
उन्हें डर है, हम मार डालेंगे
ट्रंप का दावा है कि ईरान के टॉप लीडर्स बातचीत करने के लिए तैयार है, लेकिन वे सार्वजनिक तौर पर ये कहने से डर रहे हैं. उन्हें डर है कि उनके अपने ही लोग उन्हें मार डालेंगे. साथ ही उन्हें इस बात का भी डर है कि हम उन्हें मार डालेंगे. वहीं ईरान ने इन सभी बातों को खारिज कर दिया है और कहा है कि ईरान किसी भी तरह से बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है.
ईरान ने रोका तेल का रास्ता
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका की 15 सूत्री योजना में ईरान के विवादित परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ 'समुद्री मार्गों' का भी जिक्र है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने तेल ठिकानों पर कई हमले किए हैं. साथ ही रास्ते को भी बाधित किया है, जिस कारण तेल की कीमतों में इजाफा देखा गया है.
ईरान ने दी ये धमकी
ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के साथ ही एक और रास्ते को ब्लॉक कर सकता है, जिसका नाम 'स्ट्रेट ऑफ बाब-अल- मंडाब' है. यह रास्ता लालसागर से हिंदमहासागर और स्वेज नहर तक पहुंचाने में मददगार होता है. इस रास्ते से लागत में कमी आती है, लेकिन यह ईरान के सपोर्टिव कहे जाने वाले यमन के हूतियों के हाथ में है. जहां पर ये अटैक करके रास्ते को रोक सकते हैं. ईरान का कहना है कि अगर उसपर दबाव या सैन्य कार्रवाई की गई तो यह वह भी रास्ता बंद कर सकता है, जिससे ऑयल की कीमतों में भारी तेजी आ सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क