डोनाल्ड ट्रंप और एलॉन मस्क के बीच दोस्ती का रिश्ता अब बिखर गया है. 'फर्स्ट बडी' एलॉन मस्क, जो कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुखर समर्थक थे, अब राष्ट्रपति के खिलाफ हो गए हैं. एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पॉलिसी की आलोचना भी की है और महाभियोग का भी समर्थन किया है. मस्क ने तो यहां तक कह दिया है कि ट्रंप की ये नीति मंदी का कारण बनेगी.
एलॉन मस्क ने एक पोस्ट में लिखा कि Trump Tariff इस साल की दूसरी छमाही में मंदी का कारण बनेगा. वहीं इससे पहले एलॉन मस्क ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच 'Zero Tariff' रखने के लिए कहा था, जिससे मुक्त व्यापार क्षेत्र को बढ़ावा मिले. ये बात उन्होंने ठीक उसी समय की जब ट्रंप ने यूरोप पर टैरिफ बढ़ाने की पहल की थी.
ट्रंप के बिल का भी विरोध कर रहे मस्क!
Tesla के सीईओ ने आर्थिक नीति पर ही बात नहीं की. ट्रंप के महाभियोग की मांग करने वाले और उनकी जगह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को लाने का सुझाव देने वाले एक पोस्ट के जवाब में, मस्क ने एक शब्द में जवाब 'हां' में दिया. इतना ही नहीं मस्क ने ट्रंप के 'वन बिग, ब्यूटीफुल बिल' का भी विरोध किया है. पिछले तीन दिनों में, उन्होंने सीनेट रिपब्लिकन से कानून को रोकने का आग्रह करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का यूज किया है.
ट्रंप करेंगे मस्क की सभी कॉन्ट्रैक्ट को रद्द!
Trump ने अपनी ओर से निराशा व्यक्त की है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि एलॉन मस्क और मेरे बीच बहुत अच्छे संबंध थे. मुझे नहीं पता कि हम आगे भी अच्छे रहेंगे या नहीं. उन्होंने मस्क पर 'ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम' से पीड़ित होने का आरोप लगाया और स्पेसएक्स सहित मस्क की कंपनियों के साथ सभी संघीय अनुबंधों को समाप्त करने की बात कही.
चुनाव में जीत को लेकर बढ़ा विवाद
मस्क ने यह दावा करके विवाद को और बढ़ा दिया कि उनके समर्थन के बिना ट्रंप 2024 का चुनाव नहीं जीत पाते और उनके हस्तक्षेप के बिना कांग्रेस पर रिपब्लिकन का नियंत्रण कम हो जाता. अब वे खुलेआम तीसरी पार्टी बनाने पर चर्चा कर रहे हैं, यहां तक कि X पर एक पोल भी चला रहे हैं और ट्रंप के मेगाबिल का समर्थन करने वाले GOP सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौतियों के लिए फंडिंग का संकेत दे रहे हैं.
भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता
ट्रंप के टैरिफ रुख की मस्क की आलोचना एक महत्वपूर्ण क्षण पर आई है, जब भारत और अमेरिका टैरिफ कम करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने संकेत दिया कि जल्द ही दोनों देशों के बीच डील हो सकती है. हालांकि, ट्रंप ने टैरिफ की मांगों के अनुरूप देशों के लिए 9 जुलाई की समयसीमा तय की है.
आजतक बिजनेस डेस्क