बोरे में 1 के सिक्के लेकर खरीदने पहुंचा 'सुपरबाइक', गिनने में लगे 10 घंटे

लोग अपने सपने को साकार करने के लिए क्या-क्या नहीं कर गुजरते हैं! तमिलनाडु का यह मामला भी ऐसा ही अजीब है. एक युवक अपनी पसंदीदा बाइक खरीदने के लिए तीन साल से एक-एक रुपये के सिक्के जुटा रहा था.

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तीन साल से सिक्के जुटा रहे थे भूपति तीन साल से सिक्के जुटा रहे थे भूपति

प्रमोद माधव

  • चेन्नई,
  • 28 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST
  • तीन साल से पैसे जुटा रहा था कस्टमर
  • शोरूम ने सिक्कों में पेमेंट लेने से किया था मना

आम तौर पर कोई ग्राहक जब गाड़ी खरीदने जाता है तो शोरूम के सारे कर्मचारी खुश हो जाते हैं. हालांकि कई बार ग्राहक इस खुशी के साथ ही कर्मचारियों को परेशानी में भी डाल देते हैं. तमिलनाडु में एक ऐसा ही वाकया सामने आया है, जिसमें एक ग्राहक अपनी पसंदीदा बाइक खरीदने पहुंचा तो शोरूम के कर्मचारियों के पसीने छूट गए. दरअसल ग्राहक 2.6 लाख रुपये की बाइक खरीदने बोरे में एक-एक रुपये के सिक्के भरकर पहुंचा था.

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वैन में सिक्के लेकर आया ग्राहक, गिनने में लगे घंटों

तमिलनाडु के सलेम शहर का यह मामला अम्मापेट स्थित गांधी मैदान इलाके के निवासी युवक वी भूपति से जुड़ा है. भूपति को बजाज डोमिनार 400CC बाइक खरीदनी थी. इसके लिए वह एक-एक रुपये जमा कर रहे थे. उन्हें बाइक की कीमत के बराबर सिक्के जमा करने में तीन साल लग गए. इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ पिछले सप्ताह शनिवार को मिनी वैन में सिक्के के बोरे लादकर बजाज शोरूम पहुंचे. शोरूम के मैनेजर महाविक्रांत ने बताया कि उनके कर्मचारियों को सिक्के गिनने में 10 घंटे से ज्यादा समय लग गया.

ऐसे कस्टमर ने जुटाया ड्रीम बाइक का पैसा

भूपति एक निजी कंपनी में कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करते हैं. इसके अलावा वह अपने Youtube चैनल के लिए वीडियो भी बनाते हैं. भूपति ने बताया कि जब तीन साल पहले उन्हें यह बाइक पसंद आई, तब इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये थी. हालांकि तब उनके पास इतने पैसे नहीं थे. अपने इस सपने को पूरा करने के लिए वह तभी से पैसे जोड़ने लग गए. वह अपनी सेविंग्स को सिक्कों में बदल लेते थे. इसके अलावा उन्होंने Youtube चैनल से हुई कमाई का भी इस्तेमाल किया.

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तीन साल कमाई को सिक्कों में किया कंवर्ट

बकौल भूपति, नोटों को एक-एक रुपये के सिक्के में बदलने के लिए उन्हें काफी मेहनत लगी. उन्होंने मंदिरों, होटलों और चाय की दुकानों पर जा-जाकर अपने नोट बदलवाए. इस तरह उनके पास एक-एक रुपये के सिक्कों का अंबार लगता गया. जब उनके पास पसंदीदा बाइक की ऑन-रोड प्राइस यानी 2.6 लाख रुपये के बराबर रकम जमा हो गई, तब उन्होंने बजाज के शोरूम से संपर्क किया. हालांकि शोरूम के मैनेजर महाविक्रांत ने शुरुआत में सिक्कों में पेमेंट लेने मना कर दिया था. बाद में वह मान गए और इस तरह भूपति अनोखे तरीके से अपने सपने को साकार कर पाए.

 

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