गारमेंट पर जीरो टैरिफ! US संग ट्रेड डील में बांग्लादेश को असली फायदा यहां मिला

अमेरिका ने पहले बांग्लादेश पर 37 फीसदी तक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. इससे बांग्लादेश के हाथ पांव फूल गए थे. लंबी बातचीत के बाद ट्रंप ने इस टैरिफ को 20 परसेंट पर कर दिया. ये अगस्त का महीना था. अब 9 महीने की बातचीत के बाद ट्रंप ने 19 फीसदी टैरिफ के साथ बांग्लादेश से ट्रेड डील कर लिया है.

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अमेरिका ने बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर को कुछ रियायत दी है. (Photo: ITG) अमेरिका ने बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर को कुछ रियायत दी है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:27 PM IST

बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले मोहम्मद युनुस ने आनन-फानन में अमेरिका से ट्रेड डील कर लिया है. बांग्लादेश के अंतरिम चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका ने एक नए द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट के तहत बांग्लादेशी इंपोर्ट पर आपसी टैरिफ घटाकर 19 परसेंट कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस डील की वजह से अमेरिका में बने मटीरियल से बने कुछ खास टेक्सटाइल और कपड़ों के सामान में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा. 

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यूनुस ने X पर लिखा, "वॉशिंगटन ने अमेरिकी मटीरियल से बने कुछ खास बांग्लादेशी कपड़ों के लिए ज़ीरो टैरिफ एक्सेस पाने का रास्ता बनाने का वादा किया है."

बांग्लादेश को मौजूदा टैरिफ में राहत वॉशिंगटन के साथ नौ महीने से ज़्यादा समय तक चली बातचीत के बाद मिली है. US ने शुरू में बांग्लादेशी एक्सपोर्ट पर 37 परसेंट तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद दोनों देशों में लंबी बातचीत हुई. इसके बाद ढाका को अमेरिका के साथ कामयाबी मिली और पिछले अगस्त में अमेरिका ने बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया.

लेकिन ट्रंप ने ट्रेड डील के बाद बांग्लादेश को मामूली राहत दी है और टैरिफ 1 परसेंट और कम कर दिया है. अब बांग्लादेश से अमेरिका एक्सपोर्ट होने वाले सामानों पर 19 प्रतिशत टैरिफ लगेगा.

बांग्लादेश को असली फायदा यहां मिला है

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इस ट्रेड डील से बांग्लादेश के गारमेंट सेक्टर को फायदा मिल सकता है. दरअसल अमेरिका ने बांग्लादेश को  कुछ टेक्सटाइल और परिधान प्रोडक्ट के लिए जीरो टैरिफ की सुविधा दी है. यानी कि बांग्लादेश इन गारमेंट को अमेरिका को 0 प्रतिशत ड्यूटी पर निर्यात कर सकेगा. 

लेकिन इसके लिए एक शर्त है. ये शर्त यह है कि बांग्लादेश वैसे कपड़ों को ही अमेरिका निर्यात कर पाएगा जो अमेरिकी कपास या मैन-मेड फाइबर का इस्तेमाल करके बनाए गए हों.

इससे बांग्लादेश के गारमेंट्स सेक्टर को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि यह उसका मुख्य निर्यात क्षेत्र है. 

हालांकि अमेरिकी कपास या कृत्रिम फाइबर से बने कपड़े का बाजार कैसा होगा ये अहम सवाल है.

यूनुस ने इस समझौते को नौकरियों की सुरक्षा और ग्लोबल टेक्सटाइल सप्लाई चेन में बांग्लादेश की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. 

बांग्लादेश इकोनॉमी की नींव गारमेंट सेक्टर

रेडीमेड गारमेंट सेक्टर बांग्लादेश की इकॉनमी की रीढ़ है, जहां से सरकार की कुल एक्सपोर्ट कमाई का 80 परसेंट से ज़्यादा हिस्सा आता है. इसमें लगभग 40 वर्कर काम करते हैं, जिनमें से ज़्यादातर ग्रामीण और कम इनकम वाले बैकग्राउंड की महिलाएं हैं, और यह ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट में लगभग 10 परसेंट का योगदान देता है.

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गारमेंट इंडस्ट्री के लीडर्स ने कहा कि कम टैरिफ रेट बांग्लादेशी मैन्युफैक्चरर्स को US मार्केट में कॉम्पिटिटिव बने रहने में मदद कर सकता है, जो उनके सबसे बड़े एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में से एक बना हुआ है.

हाल के सालों में कई फैक्ट्रियों को बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट, एनर्जी की ज़्यादा कीमतों, करेंसी के उतार-चढ़ाव और इंटरनेशनल खरीदारों द्वारा लगाई गई सख्त कम्प्लायंस ज़रूरतों के कारण बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक ट्रेड डील की घोषणा की, जिसमें टैरिफ को 50 परसेंट से घटाकर 18 परसेंट कर दिया गया. 

बढ़ते तनाव के बीच चुनाव

यह ट्रेड एग्रीमेंट एक नाजुक समय पर हुआ है. बांग्लादेश में 48 घंटे में चुनाव होने वाले हैं. बांग्लादेश अगस्त 2024 से अंतरिम सरकार के तहत है. अगस्त 2024 में बांग्लादेश की कथित क्रांति के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से अपदस्थ कर दिया गया और वह भारत चली आईं. चुनाव से पहले फिर से हिंसा भड़क गई, जिसमें बुधवार देर रात स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों में महिलाओं समेत 40 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. अंतरिम सरकार ने चुनाव से पहले आर्थिक स्थिरता और भरोसा दिखाने की कोशिश की है, जिसमें ट्रेड पॉलिसी की अहम भूमिका है. 

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