पिछले हफ्ते 17 फीसदी की गिरावट देखने वाली अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में शानदार तेजी की उम्मीद जताई जा रही है. ब्रोकरेज ने तीसरी तिमाही के कमजोर नतीजों के बावजूद अडानी की इस कंपनी के फ्यूचर को लेकर पॉजिटिव नजरिया दिखाया है.
इस बीच, अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) के शेयर मंगलवार को 6% बढ़कर 818.45 रुपये पर पहुंच गए. हालांकि बाद में यह शेयर 3.26% चढ़कर 798 रुपये पर बंद हुआ. ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने कहा कि प्रबंधन को आने वाली तिमाहियों में उत्पादन सामान्य होने और कटौती संबंधी मुद्दों के सॉल्व होने के साथ आय में सुधार को लेकर भरोसा है.
ब्रोकरेज फर्म ने इस स्टॉक को खरीदने की सलाह देते हुए पिछले बंद भाव 772.10 रुपये के मुकाबले 1204 रुपये पर 56% की तेजी की संभावना जताई है. ब्रोकरेज ने इस शेयर पर अनुमान लगाया है कि अडानी ग्रुप की यह कंपनी वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान राजस्व में 27 फीसदी, EBITDA में 29 फीसदी और PAT में 36 फीसदी का CAGR ग्रोथ दर्ज करेगी.
75 फीसदी तेजी का अनुमान
वहीं एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अडानी के शेयरों के लिए अपना टारगेट 1500 रुपये से घटाकर 1350 रुपये कर दिया है, जो 75 फीसदी ग्रोथ का अनुमान है. एमके ने कहा कि हमने वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक के अपने अनुमानित मुनाफे को लगभग बरकरार रखा है, लेकिन वित्त वर्ष 2026 के पहले महीने की उत्पादन दर और कटौती संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2026 के अंत तक के EBITDA को 14% कम कर दिया है. हमने दिसंबर 2026 के अनुमानों को आगे बढ़ाते हुए अपने लक्ष्य को 10% घटाकर 1,500 रुपये से 1,350 रुपये कर दिया है, जो EV/EBITDA के 12 गुना पर बेस्ड है.
आईसीआईसीआई ने भी दिया टारगेट
ICICI सिक्योरिटीज ने भी टारगेट प्राइस को कम करके 1140 रुपये कर दिया है, जो पहले 1,290 रुपये था. ब्रोकरेज का कहना है कि नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने में अदानी का सबसे मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है. कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडेचर और EBITDA रेशियो करीब 7.5 गुना है, जो हाई कैपिटल क्षमता को दिखाता है.
गौरतलब है कि इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट दिसंबर 2024 की तिमाही के 474 करोड़ रुपये के मुकाबले 99% गिरकर 5 करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, तीसरी तिमाही में कुल आय पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के 1993 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 2837 करोड़ रुपये हो गई. ऑपरेशन रेवेन्यू तीसरी तिमाही में 11.9% बढ़कर 2618 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 2072 करोड़ रुपये था. ईबीआईटीडीए 19.2% बढ़कर 2241 करोड़ रुपये हो गया.
(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज के अपने विचार हैं. aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क