वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का आम बजट (Union Budget 2026) लोकसभा में पेश किया. अपने बजट भाषण में उन्होंने कई बड़े ऐलान किए हैं. ये मोदी सरकार में वित्त मंत्री के रूप में उनका लगातार 9वां बजट है. उन्होंने देश की इकोनॉमिक ग्रोथ के साथ ही बैंकों के लिए भी बड़ी घोषणाएं की हैं. उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर का रिफॉर्म जरूरी है और खासतौर पर सरकार ने एनबीएफसी के लिए नया विजन तैयार किया है.
Nirmala Sitaraman ने अपने बजट भाषण में कहा कि बैंकिंग सेक्टर में रिफॉर्म बेहद जरूरी हो गया है. खासकर NBFC के लिए सरकार नए विजन पर काम कर रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट भाषण में बताया कि इंडियन बैंकिंग सिस्टम की
बैलेंसशीट मजबूत है. हाई लेवल कमेटी ऑन बैंकिंग फॉर डेवलप इंडिया स्थापित की जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और REC की रीस्ट्रक्चरिंग होगी. कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट, टोटल रिटर्न स्वैप की शुरुआत होगी. म्यूनिसिपल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ रुपये की स्कीम आएगी. वित्त मंत्री के मुाबिक, इससे ग्रामीण इकोनॉमी में बैंकिंग पर फोकस रहेगा.
बैंकिंग रिफॉर्म पर जोर देने के साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लघु, मध्यम उद्यमों को चैंपियन बनाने पर सरकार के फोकस के बारे में बताया और MSMEs को सहायता पहुंचाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित एसएमई विकास निधि की शुरुआत की जाएगी. आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त 2000 करोड़ रुपये डाले जाएंगे.
इस सेक्टर में लिक्विडिटी सपोर्ट को लेकर उन्होंने कहा कि ट्रेड्स (TReDS) के साथ एमएसएमई के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्धता सहायता के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी. दूसरी और थ्री टायर कैटेगरी के शहरों में कॉरपोरेट मित्रों का कैडर तैयार किया जाएगा. इस कैडर से किफायती लागत पर एमएसएमई को अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी.
आजतक बिजनेस डेस्क